पुलिस और एसओजी ने सितारगंज के सिडकुल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ा। बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 255 जिंदा कारतूस, 119 खोखा कारतूस और कई अवैध असलहे बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए हथियार जंगल में छिपाने जा रहे थे। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है
- सिडकुल में पुलिस-एसओजी ने अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ा
- स्विफ्ट कार से 255 जिंदा कारतूस और कई असलहे बरामद
- दो आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
सिडकुल क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध असलाह का जखीरा बरामद किया है।
पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की एक सफेद स्विफ्ट कार से 02 अदद पोनिया 12 बोर, 01 अदद रिवाल्वर 32 बोर, 01 अदद तमंचा 32 बोर, 01 अदद तमंचा 315 बोर, कुल 255 जिन्दा कारतूस (315, 12 व 32 बोर) तथा 119 खोखा कारतूस बरामद करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत की गई है।
पुलिस के अनुसार बुधवार को एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक उमेश कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान सिडकुल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जगत सिंह शाही व अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। तभी एक मुखबिर ने सूचना दी कि दो संदिग्ध युवक बिना नंबर प्लेट की सफेद स्विफ्ट कार से सिडकुल फेस-2 क्षेत्र से जंगल की ओर जा रहे हैं।
पुलिस और एसओजी टीम ने की घेराबंदी
सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने तुरंत संयुक्त रूप से घेराबंदी कर दी। लेबर चौक से आगे कच्चे रास्ते पर पुलिस को संदिग्ध स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने वाहन को पीछे करने का प्रयास किया, लेकिन बारिश के कारण वाहन कच्चे रास्ते में फंस गया और भाग नहीं सका। पुलिस टीम ने मौके पर कार को घेरकर उसमें सवार दो युवकों को पकड़ लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम हरेंद्र सिंह उर्फ हनी निवासी बिरिया फार्म सिसैया और निखिल उर्फ रानू निवासी केशवनगर, सितारगंज बताए। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलाह और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि उनके घर पर पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची थी, जिससे घबराकर वे असलाह और कारतूस को जंगल में छिपाने जा रहे थे ताकि पुलिस से बच सकें। उन्होंने सुनसान रास्ता इसी वजह से चुना था।
पुलिस ने मौके से बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार को भी कब्जे में ले लिया। वाहन के कागजात मांगने पर आरोपित उन्हें दिखा नहीं सके। जांच के दौरान वाहन से कोई अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पूरी कार्रवाई को वीडियोग्राफी के साथ किया गया। बरामद सभी असलाह और कारतूस को नियमानुसार सील कर लिया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध धारा 25(1-ख)(क) और 26 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में असलाह कहां से आया और इसका उपयोग किस आपराधिक उद्देश्य के लिए किया जाना था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

