Sabarimala Case: ‘महिला को तीन दिन अछूत नहीं माना जा सकता’, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

नई दिल्ली:
सबरीमाला मंदिर प्रवेश से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के साथ धार्मिक आधार पर किए जाने वाले भेदभाव पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि किसी महिला को तीन दिन ‘अछूत’ मानना और चौथे दिन उस स्थिति से बाहर मान लेना तर्कसंगत नहीं है।

मंगलवार को हुई सुनवाई में यह टिप्पणी तब सामने आई जब केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वर्ष 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक हिस्से पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उस फैसले में 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को संविधान के अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता उन्मूलन) के तहत रखना उचित नहीं है।

इस पर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि यदि किसी महिला को कुछ दिनों के लिए ‘अछूत’ माना जाता है, तो यह अवधारणा स्वयं में विरोधाभासी है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी मान्यताएं महिलाओं की गरिमा और समानता के अधिकार के खिलाफ जाती हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी। उस समय कोर्ट ने इसे लैंगिक समानता और धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताते हुए कहा था कि परंपराओं के नाम पर महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।

हालांकि, इस फैसले के बाद देशभर में व्यापक बहस और विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। कई धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के खिलाफ बताया था, जबकि महिला अधिकार संगठनों ने इसे समानता की दिशा में बड़ा कदम माना था।

वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पुनर्विचार कर रहा है, जिसमें धार्मिक प्रथाओं, मौलिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन का सवाल अहम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत की ताजा टिप्पणियां यह संकेत देती हैं कि न्यायपालिका महिलाओं के अधिकारों और गरिमा को लेकर संवेदनशील रुख अपनाए हुए है। आने वाले समय में इस मामले पर कोर्ट का अंतिम निर्णय न केवल सबरीमाला बल्कि देश के अन्य धार्मिक स्थलों और परंपराओं पर भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

फिलहाल, इस मामले की सुनवाई जारी है और सभी पक्षों की दलीलों के बाद ही सुप्रीम कोर्ट अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles