नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव में कमी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के थमने से निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा है। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में सोना और चांदी दोनों ही तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
एमसीएक्स पर सुबह करीब 11:24 बजे 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,485 रुपये तक पहुंच गई, जो दिन का उच्च स्तर है। वहीं चांदी ने भी जबरदस्त छलांग लगाते हुए ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार किया। खास बात यह है कि चांदी में एक ही दिन में ₹11,000 से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है।
अलग-अलग शहरों में सोने का भाव
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम में मामूली अंतर देखने को मिला। पटना में सोना सबसे सस्ता रहा, जहां 10 ग्राम की कीमत ₹1,53,180 दर्ज की गई। वहीं इंदौर में यह ₹1,53,430 के साथ सबसे महंगा रहा। लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में भी सोना ₹1,53,300 के आसपास बना हुआ है।
चांदी की बात करें तो रायपुर में इसका भाव सबसे कम ₹2,43,360 प्रति किलोग्राम रहा, जबकि भोपाल में यह ₹2,43,970 के साथ सबसे महंगा दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में भी तेजी का माहौल बना हुआ है। कॉमेक्स (Comex) पर चांदी का भाव 76.41 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, जबकि सोना 4,834 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भारतीय मुद्रा में यह सोने के लिए लगभग ₹1,57,500 प्रति 10 ग्राम के बराबर बैठता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर बढ़ रहा है, जिससे सोना-चांदी को मजबूती मिल रही है।
आगे क्या रहेगा रुख?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक हालात स्थिर बने रहते हैं और निवेशकों की मांग जारी रहती है, तो सोने की कीमत आने वाले महीनों में ₹1,65,000 से ₹1,70,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है। वहीं चांदी के ₹2.50 लाख प्रति किलो के स्तर को पार करने की संभावना भी जताई जा रही है।
सेबी रजिस्टर्ड विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को ऊंचे स्तर पर खरीदारी करते समय सतर्क रहना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि लंबी अवधि के निवेशक इस तेजी का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में चरणबद्ध निवेश (Systematic Investment) की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी की कीमतों में आई यह तेजी आने वाले समय में और बड़े स्तर पर पहुंच सकती है, बशर्ते वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहें।

