नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026:
दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 इलाके में हुए हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की मां के खिलाफ भी सबूत छिपाने और बेटे को शरण देने के आरोप में केस दर्ज किया है।
यह हादसा 31 मार्च की शाम को हुआ था, जब एक तेज रफ्तार मारुति सियाज कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सुरेंद्र दास की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस के मुताबिक, मृतक सुरेंद्र दास जमरूदपुर इलाके में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे और एक कोठी में कुक का काम करते थे। घटना के समय वे अपने मालिक के कहने पर बाजार से सामान लेने निकले थे। इसी दौरान ग्रेटर कैलाश-1 के बी-234 के पास तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हिट एंड रन का मामला है, जिसमें चालक जानबूझकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध वाहनों की पहचान की और परिवहन विभाग से उनके रजिस्ट्रेशन की जानकारी जुटाई। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर मारुति सियाज कार की पहचान कर ली। बाद में इस कार को दुर्घटनाग्रस्त हालत में बरामद कर लिया गया और मालखाने में जमा कर दिया गया।
पूछताछ में पता चला कि हादसे के समय कार 19 वर्षीय रुहान चड्ढा चला रहा था, जबकि वाहन उसकी मां निहारिका चड्ढा के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और हादसे के बाद घबराकर मौके से भाग गया।
जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के बाद कार को छिपाने और उसकी मरम्मत कराने की कोशिश की गई थी। इस आधार पर पुलिस ने निहारिका चड्ढा के खिलाफ भी सबूत छिपाने और आरोपी को शरण देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरे को उजागर कर दिया है।

