नई दिल्ली:
केंद्र सरकार और गैस वितरण कंपनियों के संयुक्त प्रयासों से देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में करीब 8 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं। यह कदम घरेलू और वाणिज्यिक गैस उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ एलपीजी सिलिंडरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में करीब 50 लाख एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी भी की गई, जिससे घरेलू मांग पूरी तरह संतुष्ट हुई, जबकि व्यावसायिक मांग का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश में गैस की आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की कमी का खतरा नहीं है।
एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की बढ़ती प्रवृत्ति
पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार के साथ ही एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की प्रवृत्ति भी देखने को मिली है। पिछले एक महीने में 16,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए। सरकार का मानना है कि इससे गैस वितरण प्रणाली पर दबाव कम होगा और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक संसाधनों की बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।
इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है, जहां उपभोक्ता अपने कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं। इस पोर्टल पर ‘हॉल ऑफ फेम’ की सुविधा भी दी गई है, जिसमें ऐसे उपभोक्ताओं को सम्मानित किया जाता है जो स्वेच्छा से अपना कनेक्शन छोड़ते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग और पारदर्शिता में सुधार
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऑनलाइन सिलिंडर बुकिंग का आंकड़ा अब 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, ऑथेंटिकेशन कोड आधारित डिलीवरी सिस्टम भी तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे वितरण स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। यह आंकड़ा फरवरी के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए पोर्टेबल सिलिंडर की सुविधा
प्रवासी और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम के छोटे पोर्टेबल सिलिंडरों की बिक्री भी बढ़ाई है। 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख ऐसे सिलिंडर बेचे जा चुके हैं। इनमें से 90,000 सिलिंडर सिर्फ एक दिन में बेचे गए, जो सामान्य दिनों के औसत से काफी अधिक है।
पर्याप्त स्टॉक और वैकल्पिक विकल्पों पर जोर
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस का पर्याप्त स्टॉक देश में उपलब्ध है और लगातार इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएनजी कनेक्शनों में यह तेजी न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी एक सकारात्मक कदम है। आने वाले समय में इस पहल से शहरी गैस वितरण नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

