केरल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्म होता जा रहा है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने ईस्टर के अवसर पर राज्य के ईसाई समुदाय से संपर्क साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है जब केरल में भाजपा की सरकार बननी चाहिए, ताकि राज्य के भविष्य को नई दिशा दी जा सके।
कुन्नाथुनाडु में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने ईसाई समुदाय को ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2014 के बाद से केरल में राजग का जनाधार लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा, “मैं अपने ईसाई भाइयों और बहनों से अपील करता हूं कि वे राजग के साथ खड़े हों और एक समृद्ध केरल के निर्माण में योगदान दें।” शाह की यह अपील ऐसे समय में आई है जब राज्य के ईसाई समुदाय के बीच विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम (FCRA) में हालिया संशोधनों को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं के नाम बदलकर उनका श्रेय लेने का प्रयास करती है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि यह “नाम बदलने का नया स्टार्टअप” बन गया है।
इस दौरान कोझिकोड में शाह ने एक भव्य रोड शो भी किया। मैथोट्टम बिजिथ जंक्शन से नदुवट्टम तक निकाले गए इस रोड शो में बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक शामिल हुए। केसरिया झंडों और नारों के बीच शाह ने खुले वाहन से लोगों का अभिवादन किया और समर्थकों पर फूलों की वर्षा की गई। पूरे मार्ग में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
वहीं, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने भी चुनाव को लेकर आत्मविश्वास जताया है। पार्टी का मानना है कि इस बार केरल में उसे बेहतर जनसमर्थन मिल सकता है। खासतौर पर निमोम विधानसभा सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। यह सीट भाजपा के लिए अहम मानी जाती है, जहां इस बार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भाजपा-एनडीए के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है।
निमोम सीट पर वर्तमान में वामपंथी नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवांकुट्टी काबिज हैं, जिन्होंने 2021 में यह सीट वापस जीती थी। इससे पहले 2016 में भाजपा के ओ. राजगोपाल ने यहां जीत दर्ज कर राज्य में पार्टी का खाता खोला था। इस बार भाजपा ने इस सीट पर जोरदार तैयारी की है और मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, केरल में भाजपा अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। ईसाई समुदाय तक पहुंच बनाना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।


