छत्तीसगढ़ धान घोटाला: 7 करोड़ का अनाज गायब, अधिकारियों ने चूहों को ठहराया जिम्मेदार।

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CG City News

छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत APAAR ID बनाने में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। राज्य में 50.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है, जो कुल का 88.63% है। बेमेतरा और राजनांदगांव जैसे जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों को स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने और शैक्षणिक पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।

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HighLights

  1. छत्तीसगढ़ ने APAAR ID जनरेशन में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान पाया।
  2. 50.60 लाख से अधिक छात्रों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट हुई।
  3. बेमेतरा, राजनांदगांव जिलों ने 96% से अधिक आईडी बनाई।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने की दिशा में राज्य ने तेज और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिनांक 7 जनवरी 2026 तक राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है। यह कुल का 88.63 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शैक्षणिक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

जिला स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 96.40 प्रतिशत तथा राजनांदगांव जिले में 96.38 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जा चुकी है, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग एवं बलौदाबाजार जैसे जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है।

सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है। राज्य शासन के निर्देशानुसार शिक्षकगण एवं संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल से वंचित न रह जाए।

भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जाए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समयबद्ध एवं समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्राप्त होगी, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ, प्रमाण-पत्र एवं क्रेडिट्स सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत रहेंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मोबिलिटी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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