JP Nadda: पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के 39वें दीक्षांत समारोह में 550 छात्रों को डिग्री दी गई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मेडिकल शिक्षा में बढ़ोतरी और सीटों के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने बताया की सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों यूजी और पीजी की 75,000 नई सीटें जोड़ना है।
JP Nadda: स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के 39वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार का जोर मेडिकल शिक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर है।
यूजी और पीजी की 75,000 सीटें बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 820 हो गई है। वहीं, अंडरग्रेजुएट सीटें 51,000 से बढ़कर 1.26 लाख और पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,000 से बढ़कर 85,000 हो चुकी हैं।
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में यूजी और पीजी की 75,000 और सीटें बढ़ाने का है, जिनमें से 28,000 सीटें पिछले दो वर्षों में ही जोड़ी जा चुकी हैं
तकनीक के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी
नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीन थेरेपी, टेलीहेल्थ जैसी तकनीकें तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन इसके साथ मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही जरूरी हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में करें।
शिक्षा और सेवा का संतुलन
प्रो. विवेक लाल ने कहा कि हर छात्र सिर्फ शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि वह मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का प्रतिनिधित्व करता है। पीजीआईएमईआर के पूर्व छात्र दुनिया भर में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे हैं, जो संस्थान की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है।
मेडिकल शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े विस्तार की घोषणा
संस्थान के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि पीजीआईएमईआर में एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एक मेडिकल म्यूजियम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। ये सभी पहल संस्थान की शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की जा रही हैं।
इसके अलावा, विभागों के विस्तार (फेज-2) और एक समर्पित कार्डियक इमरजेंसी सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे हार्ट अटैक के मरीजों को तुरंत विशेष इलाज मिल सकेगा।
इस तरह, पीजीआईएमईआर का 39वां दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का क्षण रहा, बल्कि यह देश में मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में एक मजबूत संकेत भी साबित हुआ।


