मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया।
इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा तीन और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।
मोहन भागवत की सुरक्षा लागत वसूली वाली याचिका खारिज
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने सोमवार को उस जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को दी गई जेड-प्लस सुरक्षा की लागत उन्हीं से वसूलने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अनिल किलोर की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता की मंशा और इरादे पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने इस मामले में विस्तृत आदेश बाद में जारी करने की बात कही है।
नागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया था कि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है, इसलिए उसके प्रमुख को सरकारी खर्च पर सुरक्षा देना करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग है। याचिकाकर्ता के अनुसार, भागवत की सुरक्षा पर हर महीने लगभग 40 से 45 लाख रुपये खर्च होते हैं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है। याचिका में मांग की गई थी कि सरकार इस पूरी राशि की वसूली स्वयं मोहन भागवत से करे।
अपनी दलीलों के समर्थन में याचिकाकर्ता ने उद्योगपति मुकेश अंबानी से जुड़े 2023 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया था। उस मामले में शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया था कि अंबानी को सरकारी नीति के अनुसार सुरक्षा दी जाए, लेकिन उसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा वहन किया जाएगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस तर्क को इस मामले में स्वीकार नहीं किया और याचिका को अनुचित मानते हुए हटा दिया।
शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। रोहित पवार ने सोमवार को दावा किया कि सीबीआ द्वारा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एयरवर्थनेस विभाग के उप निदेशक की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज होने से कई भ्रष्ट अधिकारियों की मौजूदगी का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किया गया व्यक्ति तो बस एक ‘छोटी मछली’ है, इस संगठन में इससे भी कहीं बड़ी ‘मछलियां’ मौजूद हैं।
रोहित पवार ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘सीबीआई ने डीजीसीए के एयरवर्थनेस डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और एफआईआर भी दर्ज की गई है। हम बार-बार यह बात उठाते रहे हैं कि डीजीसीए में कई भ्रष्ट अधिकारी मौजूद हैं, और इस घटना ने हमारी बात को सच साबित कर दिया है। जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, वह तो बस एक ‘छोटी मछली’ है। इस संगठन में तो इससे भी कहीं ज्यादा बड़ी मछलियां मौजूद हैं।’ रोहित पवार ने आगे कहा, ‘अगर डीजीसीए में काम रिश्वत देकर करवाया जा रहा है तो कोई भी आसानी से यह अंदाजा लगा सकता है कि रिश्वत देने और बिचौलिए की भूमिका निभाने में माहिर वीके सिंह ने दादा की दुर्घटना से जुड़े दस्तावेजों को किस तरह से ‘साफ’ (सबूत मिटाने) किया होगा। एक तरफ, दादा की दुर्घटना की जांच सीबीआई को सौंपने की गुजारिश किए हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन सीबीआई ने अभी तक इस मामले को अपने हाथ में नहीं लिया है। वहीं दूसरी तरफ सीबीआई ने इस मामले में अपनी तरफ से कार्रवाई कर रही है, जो कि काफी अहम बात है।
महिला आरक्षण – सीएम फडणवीस बोले- विपक्ष की पिछड़ी सोच
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की पिछड़ी सोच की वजह से यह अहम बिल पास नहीं हो पाया और महिलाओं को मिलने वाला बड़ा हक रुक गया। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फडणवीस ने बताया कि उनकी सरकार और महायुति गठबंधन अब पूरे राज्य में बड़ा अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत महिलाओं से एक करोड़ हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे, ताकि जनता का समर्थन दिखाया जा सके और विपक्ष के रुख को उजागर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन देश के लिए ऐतिहासिक बन सकता था, क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का रास्ता साफ होना था। लेकिन विपक्ष ने इस मौके को गंवा दिया। सीएम फडणवीस ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों का गला घोंटने जैसा काम किया है। उनका कहना था कि अगर सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत होता, तो विपक्ष इस बिल का विरोध नहीं करता, लेकिन संख्या कम होने का फायदा उठाकर उन्होंने इसे रोक दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए लगातार काम करती रहेगी और इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।
मुंबई में सोमवार सुबह ऑफिस जाने के व्यस्त समय के दौरान लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित हो गई, जब एक खाली कोच पटरी से उतर गया। यह घटना डोंबिवली स्टेशन के पास सुबह करीब 8:09 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि ट्रेन खाली थी, इसलिए किसी यात्री को चोट नहीं आई। यह कोच कलवा कार शेड से कल्याण की ओर जा रहा था। हादसे के कारण सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन पर ट्रेनें 20 से 30 मिनट देरी से चलने लगीं। इससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में भारी भीड़ हो गई और यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कुछ लोकल ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं और स्लो लाइन का ट्रैफिक फास्ट लाइन पर डायवर्ट करना पड़ा। खासकर कल्याण की ओर जाने वाली ट्रेनों की सेवा कुछ स्टेशनों पर उपलब्ध नहीं रही। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद, सुबह 10:10 बजे कोच को फिर से पटरी पर चढ़ा दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे सेवाएं बहाल हुईं और 10:45 बजे से ट्रेनों का संचालन सामान्य होने लगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।

