मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। ट्रांसफर नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और कर्मचारी-हितैषी बनाया गया है। साथ ही सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से नागरिक और कर्मचारी केंद्रित शासन प्रणाली को मजबूती मिली है।
उन्होंने यह भी बताया कि पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर भुगतान को सरकार ने प्राथमिकता दी है, ताकि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा विधानसभा में पेंशन फंड विधेयक पारित कर छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की मजबूत कानूनी व्यवस्था भी बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है और प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते दौर की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

