राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, औसत AQI 341 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। जहांगीरपुरी, आनंद विहार सहित कई इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बताया है। लोगों को सुबह-शाम की सैर से बचने, मास्क पहनने और बच्चों-बुजुर्गों को घर में रखने की सलाह दी गई है।
HighLights
- दिल्ली का औसत AQI 341, ‘बेहद खराब’ श्रेणी में
- जहांगीरपुरी, आनंद विहार जैसे इलाकों में स्थिति गंभीर बनी
- स्वास्थ्य पर गंभीर असर, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और अन्य एजेंसियों के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 341 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI बेहद गंभीर
| क्षेत्र | संख्या |
|---|---|
| जहांगीरपुरी | 393 |
| आनंद विहार | 388 |
| रोहिणी | 387 |
| वजीरपुर | 384 |
| बवाना | 383 |
| मंडका | 378 |
| नेहरू नगर | 376 |
| आर.के. पुरम | 375 |
| पंजाबी बाग | 370 |
| चांदनी चौक | 369 |
इसके अलावा DTU, ITO, पटपड़गंज, विवेक विहार, सोनिया विहार, शादिपुर और द्वारका जैसे इलाकों में भी AQI 320 से 370 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है।
बीते दिनों से बिगड़ती जा रही हवा
- 18 जनवरी को AQI 440
- 19 जनवरी को AQI 410
- 20 जनवरी को AQI 378
21 जनवरी की सुबह AQI 341 दर्ज किया गया। हालांकि AQI में हल्की गिरावट आई है, लेकिन स्थिति अब भी बेहद खराब बनी हुई है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर की चेतावनी
- सांस लेने में दिक्कत।
- आंखों और गले में जलन।
- अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा।
- बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर।
लोगों के लिए सलाह
- सुबह-शाम की सैर से बचें।
- मास्क का उपयोग करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें।
- अनावश्यक वाहन इस्तेमाल न करें।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे और कम हवा की रफ्तार के चलते प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम बदला तो ही प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।


