गरियाबंद में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जनवरी 2026 में रिजर्व क्षेत्र के भीतर बाघ की मौजूदगी के पुख्ता संकेत मिले हैं।
गरियाबंद में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जनवरी 2026 में रिजर्व क्षेत्र के भीतर बाघ की मौजूदगी के पुख्ता संकेत मिले हैं। गश्त के दौरान बाघ के ताज़े पैरों के निशान और मल पाए गए हैं, जिससे इलाके में उसके सक्रिय रूप से विचरण करने की पुष्टि हुई है। इस बात की आधिकारिक जानकारी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक वरुण जैन ने दी।
जैव विविधता के पुनर्जीवन की ओर इशारा
यह खबर न केवल वन विभाग के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि पूरे क्षेत्र में जैव विविधता के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता की ओर भी इशारा करती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस रिजर्व में बाघ के प्रमाण मिलते रहे हैं। ताज़ा संकेतों से यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व फिर से बाघों का सुरक्षित घर बन रहा है।
सतर्कता और सूचना की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि यदि किसी भी तरह की वन्यजीव गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह प्रयास न केवल बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदायों की सुरक्षा और सह-अस्तित्व को भी बढ़ावा देगा।


