ED: बंगाल चुनाव से पहले कारोबारी गिरफ्तार, अवैध हथियार व हवाला लेनदेन का आरोप; पुलिस अफसरों में था दबदबा

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जांच में पता चला है कि जय एस कामदार कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाला लेनदेन में शामिल हैं, जिनकी आगे जांच चल रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने पश्चिम बंगाल के कारोबारी जय एस. कामदार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। कामदार पर अवैध हथियार मुहैया कराने और हवाला लेनदेन करने का आरोप है। पुलिस अफसरों के एक विशेष वर्ग में उसका अच्छा खासा दबदबा रहा है। विशेष न्यायालय ने कामदार को 9 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने कोलकाता और बैरकपुर में छह परिसरों में रेड की। इनमें पुलिस उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास और जय एस. कामदार के आवासीय परिसर भी शामिल हैं।

जांच एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी के अनुसार, कामदार, सोना पप्पू के करीबी संपर्क में था। वह पप्पू के साथ बड़े वित्तीय लेनदेन में शामिल रहा है। उन्होंने सोना पप्पू को हथियार भी मुहैया कराए थे। सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार की पत्नी सोमा सोनार पोद्दार ने जय एस कामदार या उनकी कंपनी से हथियारों की खरीद से संबंधित कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। इसके अतिरिक्त, यह भी पता चला है कि जय एस कामदार कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाला लेनदेन में शामिल हैं, जिनकी आगे जांच चल रही है।

जय एस कामदार, शांतनु सिन्हा बिस्वास समेत कई पुलिस अधिकारियों के करीबी संपर्क में था। उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को महंगे ‘उपहार’ देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि जय एस कामदार का पुलिस अधिकारियों के एक वर्ग में काफी दबदबा था। उन्होंने इसका दुरुपयोग करके लाभ हासिल किया। जमीन से जुड़े मामलों में भोले-भाले लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाईं। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों से पता चलता है कि कामदार और उनके सहयोगी नियमित रूप से सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से वैध मालिकों से मूल्यवान अचल संपत्तियों को गैरकानूनी रूप से हथियाने की कोशिश करते रहे हैं।

इससे पहले, ईडी ने इस मामले में 01.04.2026 को तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें लगभग 1.47 करोड़ रुपये नकद, लगभग 67.64 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, एक फॉर्च्यूनर वाहन और एक बिना लाइसेंस वाली बंदूक (रिवॉल्वर) के साथ-साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। जमीन, भवन आदि के रूप में कई अचल संपत्तियां भी पहचानी गईं, जो आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से प्राप्त की गई प्रतीत होती हैं। पीएमएलए के तहत ईडी की जांच से अब तक पता चला है कि बिस्वजीत पोद्दर उर्फ सोना पप्पू और उसके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से जबरन वसूली, अचल संपत्तियों पर कब्जा और अनधिकृत भवन निर्माण सहित अवैध गतिविधियों से अपराध की आय अर्जित की गई थी


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