इटली के फ्लोरेंस शहर घूमने गए एक महिला टूरिस्ट पर वहां के ऐतिहासिक ‘फाउंटेन ऑफ नेपच्यून’ को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, महिला ने सदियों पुराने इस स्मारक पर चढ़कर इसे नुकसान पहुंचाया।

अधिकारियों ने इसके पीछे का कारण शादी से पहले की एक चुनौती (pre-wedding challenge) बताया है। शहर के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना फ्लोरेंस के सबसे मशहूर पब्लिक चौकों में से एक, ‘पियाजा डेला सिग्नोरिया’ में हुई। इस घटना से करीब €5,000 (₹5,53,090 रुपये) का नुकसान होने का अनुमान है।

दरअसल, 18 अप्रैल को, 28 साल की एक महिला (जिसकी राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया गया है) को म्युनिसिपल पुलिस ने तब पकड़ा, जब वह फाउंटेन के चारों ओर लगी सुरक्षा घेरे को पार करके ऊपर चढ़ रही थी। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और उसे पकड़ कर वहां से हटा दिया।

सिटी काउंसिल ने घटना की जानकारी दी

फ्लोरेंस की सिटी काउंसिल ने बताया कि, महिला के दोस्तों ने उसे ‘शादी से पहले की एक शरारत’ (pre-wedding prank) के तौर पर मूर्ति के निजी अंगों को छूने की चुनौती दी थी। इसीलिए, पानी में पैर रखने से बचने के लिए, वह सीधे उन संगमरमर के घोड़ों पर चढ़ गई जो फाउंटेन के आधार का हिस्सा हैं।

इस जगह की देखरेख करने वाली संस्था, ‘फैब्रिका डि पलाजो वेकियो’ के विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि, घोड़ों के पैरों और एक सजावटी पट्टी (frieze) को मामूली लेकिन महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचा है। इस पट्टी को टूरिस्ट महिला ने फिसलने से बचने के लिए पकड़ा था।

कई बार फाउंटेन को नुकसान पहुंचा चुके है लोग

अधिकारियों ने बताया कि, जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता है, तब तक महिला को निर्दोष माना जाएगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस फाउंटेन को नुकसान पहुंचा है। 2005 में, अधिकारियों ने निगरानी कैमरे लगवाए थे, जब एक टूरिस्ट स्मारक पर चढ़ गया था और उसने नेपच्यून का हाथ तोड़ दिया था। 2023 में, एक जर्मन टूरिस्ट ने सेल्फी लेने की कोशिश करते हुए इसी तरह का नुकसान पहुंचाया था।

बता दें कि,’फाउंटेन ऑफ नेपच्यून’ को 16वीं सदी में मूर्तिकार बार्टोलोमियो अम्मानती ने बनाया था। इसे 1559 में कोसिमो I डे मेडिची ने एक शाही शादी की याद में बनवाया था। यह आज भी फ्लोरेंस के सबसे पहचाने जाने वाले स्थलों में से एक है और टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।