महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 14 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। चार निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे रद्द होने की संभावना है, जिससे चुनाव निर्विरोध हो सकता है। महायुति ने नौ और महाविकास अघाड़ी ने एक उम्मीदवार उतारा है। आपसी बातचीत के बाद कांग्रेस ने अंबादास दानवे को समर्थन देने का फैसला किया है।
सत्ताधारी भाजपा ने इस चुनाव में छह उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें सुनील विनायक कर्जतकर, माधवी नाइक, संजय भेंडे, विवेक कोल्हे और प्रमोद जठार के नाम शामिल हैं। भाजपा ने प्रज्ञा सातव को एक अलग उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। इन सभी उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। सुनील कर्जतकर भाजपा के पुराने रणनीतिकार रहे हैं। वहीं, विवेक कोल्हे पूर्व विधायक स्नेहलता कोल्हे के बेटे हैं।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने नीलम गोरे और बच्चू कडू को टिकट दिया है। नीलम गोरे वर्तमान में परिषद की उपसभापति हैं और वह पांचवीं बार चुनाव लड़ रही हैं। बच्चू कडू ने गुरुवार को ही शिंदे की शिवसेना में वापसी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों और दिव्यांगों की समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिया है। इसी गठबंधन का हिस्सा अजित पवार की एनसीपी ने जीशान सिद्दीकी को अपना उम्मीदवार बनाया है। जीशान ने कहा कि वह सदन में युवाओं और अल्पसंख्यकों के मुद्दे मजबूती से उठाएंगे।
दानवे को मिला कांग्रेस का साथ
विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने केवल एक सीट पर अंबादास दानवे को उतारा है। शुरुआत में कांग्रेस इस फैसले से नाराज थी क्योंकि वह उद्धव ठाकरे को फिर से चुनाव लड़ाना चाहती थी। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के साथ बैठक के बाद कांग्रेस मान गई। समझौते के तहत 2028 के चुनावों में कांग्रेस को प्राथमिकता दी जाएगी। शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने मुख्यमंत्री शिंदे से भी मुलाकात की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि चुनाव निर्विरोध कराने के लिए सत्ता पक्ष कोई अतिरिक्त उम्मीदवार न उतारे।
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 वोटों की जरूरत होगी। सत्ताधारी गठबंधन के पास 230 विधायक हैं, जिससे वे आसानी से आठ से नौ सीटें जीत सकते हैं। विपक्ष के पास 46 विधायक हैं, जो एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त हैं। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 4 मई है और मतदान 12 मई को होगा। प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव साथ ही होगा। वह पहले कांग्रेस में थीं लेकिन अब भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।


