कोरबा / पसान 25 /8 /24:: कोरबा जिला के सुदूर वनांचल क्षेत्र पसान के पास रानी अटारी कोयला खदान संचालित है यहाँ के खान के मुहाने के पास जमीन पाँच से दस फीट नीचे जा धसी

जमीन धसकने से जंगलों में पशुओं को चराने वाले चरवाहे में भय का माहौल निर्मित हो गया ,वे इस घटना से अत्यधिक डर गए बताया जा रहा है की किसान इस जगह पर गाय ,बैलो को चराया था अगर जानवरों और चरवाहे उस जगह पर होते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी
खान प्रबंधन के लिए यह छोटी घटना
रानी अटारी विजय वेस्ट कोयला खदान के प्रबंधन के लिए यह एक छोटी और आम घटना है ,उनके अनुसार उनके द्वारा पर्यावरण ,एवं शासन से अनुमति ली हुई है जंगल के 3 किलोमीटर की परिधी में ऐसी घटनाएं होती रहेंगी ,परंतु इस जगह को तार से फेंसिंग करने का कोई प्रपोजल खान प्रबंधन के पास नही है ,लगता है वे किसी हादसे का राह जोह रहे हैं ,
जनप्रतिनिधियों (सांसद ,विधायक )की भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती
जहाँ ग्रामीण इलाकों में लोग अपने जीवन निर्वाह के लिए जद्दोजहद में लगे रहते हैं ,वही इस प्रकार की घटना होने पर भी किसी जनप्रतिनिधि की कोई प्रतिक्रिया सामने नही आती ,और ना ही वो खान प्रबंधन से चर्चा करना उचित समझते कि उनका इस प्रकार का जितना भी क्षेत्र है उसको फेंसिंग से कवर किया जाए जिससे आमजन उस स्थान पर ना जा सके
पशुओं के लिए जीवन मृत्यु का सबब
कटघोरा वनमंडल में पशुओं के लिए जीवन जीना चुनौती से कम नही ,उधर रात में हाथियों का खतरा बना हुआ है जो कभी भी आकर उनकी इहलीला समाप्त कर देते है तो दूसरी तरफ दिन मे जमीन धसकने की घटना हो जा रही है
पूर्व में भी पंडो बस्ती की जमीन रात में धसकी थीं
विजय बेस्ट कोयला खदान से 1 किलोमीटर दूर पंडो समाज के लोगों का जमीन लगभग 5 फीट नीचे चला गया था अच्छा रहा कि रात में यह घटना हुआ अगर दिन में होता तो जंगल मे चरने वाले गाय आदि जानवरों को भारी नुकसान हो सकता था

