कोरबा // कोरबा जिला के धनरास राखड़ डेम के पास तहसीलदार के द्वारा ओवरलोड भारी वाहनों पर कार्रवाई की गई, यहाँ बताना होगा कि ओवरलोड भारी वाहनों एवम बिना तिरपाल के राखड़ लोड कर भारी वाहन सड़को पर दौड़ रहे है जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है लगातार मिल रही शिकायतों पर आज तहसीलदार द्वारा एनटीपीसी से निकलने वाली सभी ट्रेलरों ,हाइवा को रोक जिस गाड़ी पर तिरपाल नहीं लगी है और ओवरलोड है उन पर कार्रवाई की गई है ,इस प्रकार से चलने वाली सात गाड़ियों पर कार्यवाही की गई
क्या कहता है नियम
मोटरवाहन अधिनियम 1988 की धारा 113 में ओवरलोडिंग पर रोक है। ओवरलोड पकड़े जाने पर न्यूनतम 2000 रुपये जुर्माना है। ओवरलोडिड वाहनों पर काबू पाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा पुलिस के साथ ज्वाइंट नाकाबंदी की जाती है
बेधड़क निकलते हैं ओवरलोड वाहन, नहीं होती कार्रवाई
शासन के तमाम प्रयासों के बाद भी ओवरलोड वाहनों का संचालन बेधड़क हो रहा है। चाहे वह माल वाहक हो या सवारी वाहन। इसके साथ ही कृषि कार्य के लिए अधिकृत वाहनों पर भी ओवरलोडिंग की जा रही है। बावजूद इसके न तो परिवहन विभाग सक्रिय दिख रहा है न ही पुलिस। ओवरलोड वाहनो से आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन फिर भी इनपर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। कई वाहन दिनभर सड़कों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर फर्राटे भर रहे हैं। वहीं, पिकअप, ट्रक आदि वाहन भी ओवरलोडिंग कर सड़कों पर दौड़ते देखे जा रहे हैं। यातायात सुरक्षा को लेकर पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा लोगों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है। विभाग की टीमें समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को तेज गति से वाहन न चलाने व क्षमता से अधिक भार लेकर न चलने की हिदायत देते हैं, लेकिन जिस तरह से ओवरलोडिंग कर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उससे साफ पता चलता है कि विभाग पूरी तरह से सक्रिय नहीं है। नियम है कि कोई भी भार वाहक वाहन में क्षमता से अधिक भार नहीं लादा जाए, लेकिन इस नियम का शहर में पालन नहीं हो रहा है। चालक पिकअप, ट्रक में तिरपाल लगाकार चाहे भूसा हो या सामान कई फीट ऊपर तक भरते हैं और सड़कों पर फर्राटा भरते हैं।

