रायपुर ले जाते समय दो श्रमिकों ने तोड़ा दम।

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वेदांता पावर प्लांट हादसे में गंभीर रूप से झुलसे चार श्रमिकों में से अब्दुल करीम और अशोक परिछा की रायपुर ले जाते समय मौत हो गई। शेष दो, उमेंद्र और किस्मत अली, 90% जलने के कारण वेंटिलेटर पर जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं।

  1. दो अन्य श्रमिक 90% जलने से वेंटिलेटर पर।
  2. दूरस्थ परिजन अभी तक अपनों से मिलने नहीं पहुंचे।

 वेदांता पावर प्लांट हादसे में गंभीर रूप से झुलसे चार श्रमिकों को रायपुर के काल्डा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर रेफर किया गया था, जिनमें से अब्दुल करीम और अशोक परिछा की रास्ते में ही मौत हो गई। शेष दो घायल उमेंद्र और किस्मत अली वर्तमान में वेंटिलेटर पर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

बर्न एक्सपर्ट डॉ. सुनील काल्डा के अनुसार, अस्पताल लाए गए मरीजों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उनके शरीर का 90 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से जल चुका है। गर्म भाप के कारण न केवल त्वचा की गहरी परतें झुलसी हैं, बल्कि उनके श्वसन तंत्र में भी गंभीर सूजन आ गई है। अगले 48 से 72 घंटे इनके लिए निर्णायक होंगे।

प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: हमें लगा सामान्य प्रेशर रिलीज है, पर वह मौत का धमाका था

मैं बिहार के अरवल जिले का रहने वाला हूं और मेरा दोस्त किस्मत अली उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है। मंगलवार को जब यह हादसा हुआ, उस वक्त किस्मत ड्यूटी पर गया था और मैं प्लांट से करीब 500 मीटर दूर अपने कमरे पर था।

अचानक एक तेज धमाका हुआ, जिसे सुनकर मुझे लगा कि शायद बायलर से प्रेशर रिलीज किया गया है, क्योंकि वहां अक्सर ऐसी आवाजें आती रहती थीं। लेकिन करीब 10-15 मिनट बाद जब एंबुलेंस के सायरन सुनाई देने लगे, तब मुझे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका हुई।

मैं तुरंत प्लांट की तरफ भागा, तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गया। मुझे पता चला कि बायलर फट चुका है और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए हैं। मैं घबराहट में अपने साथियों को फोन करने लगा ताकि लापता लोगों की जानकारी मिल सके, लेकिन कई लोगों के फोन नहीं लग रहे थे।

थोड़ी ही देर में यह साफ हो गया कि उस धमाके ने मेरे कई श्रमिक साथियों की जान ले ली है। -जैसा राजा आलम बिहार अरवल जिला निवासी ने बताया

दर्द का सन्नाटा: 24 घंटे बाद भी नहीं पहुंच सके स्वजन

हादसे के 22 घंटे बीतने के बाद प्रशासन ने मृतकों की आधिकारिक सूची जारी की है। विडंबना यह है कि मृतक और घायल श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं। दूरी अधिक होने और सूचना देर से मिलने के कारण, कई पीड़ित परिवार दूसरे दिन भी रायपुर या सक्ती नहीं पहुंच सके हैं। अपनों को अंतिम बार देखने की तड़प के बीच, वे अभी भी सफर में ही हैं।

प्रभावित लोगों की सर्वोत्तम चिकित्सा हमारी प्राथमिकता- वेदांता पावर प्लांट

पावर प्लांट के प्रवक्ता ने कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर को हमारे सिंहितराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। इस घटना में हमारे सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी शामिल थे, जो इस यूनिट का संचालन और रखरखाव करता है।

हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार मिले। हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मेडिकल टीमों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ- वेदांता पावर प्लांट

हम घटना के विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं, और हमारे पार्टनर तथा संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।”


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