प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, गंभीर हालत में एम्स में भर्ती हैं। 89 वर्षीय शुक्ल गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित हैं और वेंटिलेटर पर हैं। उन्हें इंटरस्टिशियल लंग डिजीज और निमोनिया भी है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप के कारण स्वास्थ्य लाभ में बाधा आ रही है। साहित्य जगत उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
HighLights
- साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल एम्स में भर्ती
- गंभीर श्वसन रोग से हैं ग्रसित
- स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे लोग
प्रख्यात हिंदी साहित्यकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित 89 वर्षीय विनोद कुमार शुक्ल की तबीयत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। उन्हें राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां वह वेंटिलेटर पर हैं।
साहित्य जगत और उनके प्रशंसक उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं। एम्स प्रबंधन के अनुसार, दो दिसंबर से भर्ती शुक्ल गंभीर श्वसन रोग से ग्रसित हैं। वह इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आइएडी) से पीड़ित हैं और उन्हें वर्तमान में गंभीर निमोनिया भी हो गया है।
उन्हें टाइप-2 मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हैं, जो उनके स्वास्थ्य लाभ में बाधा डाल रही हैं। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया है।

