टाटा ग्रुप आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है, जिसमें एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार और मेहली मिस्त्री के आरोप शामिल हैं। इस बीच, उद्योगपति हर्ष गोयनका ने एक “विन-विन” फॉर्मूला सुझाया है।
- हर्ष गोयनका ने टाटा ग्रुप विवाद पर सुझाया ‘विन-विन’ फॉर्मूला।
- टाटा सन्स की लिस्टिंग और चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का सुझाव।
- नोएल और नेविल टाटा को बड़ी जिम्मेदारियां देने की बात कही।
भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कारोबारी समूहों में से एक टाटा ग्रुप (TATA Group) इस समय आंतरिक मतभेदों की खबरों को लेकर चर्चा में है। एक ओर एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर अभी विचार चल रहा है। उनका कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल को आगे को लेकर नोएल टाटा और अन्य ट्रस्टियों के बीच मतभेद है।
दूसरी ओर मेहली मिस्त्री जो टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के पूर्व ट्रस्टी रह चुके हैं। उन्होंने कई तरह के आरोप लगाए हैं। इन सबके बीच RPG एंटरप्राइज के चेयरमैन और भारत के उद्योगपति हर्ष गोयनका ने टाटा ग्रुप को इन सबसे बाहर निकलने का एक फॉर्मूला सुझाया है।
हर्ष गोयनका ने ऐसा सुझाव दिया है, जिसे उन्होंने विन–विन फार्मूला बताया है। उनका मानना है कि अगर इस दिशा में कदम उठाए जाएं, तो न सिर्फ विवाद सुलझ सकता है बल्कि समूह की मजबूती भी बढ़ेगी।
हर्ष गोयनका ने टाटा ग्रुप को क्या फॉर्मूला सुझाया?
उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पर ट्वीट करके अपने विचार शेयर किए और को इन सबसे बाहर निकलने का एक फॉर्मूला सुझाया।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- टाटा समूह के लिए एक संभावित ‘विन-विन’ राह
टाटा सन्स की लिस्टिंग: उनका कहना है कि टाटा सन्स को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और शापूरजी पालोनजी समूह को एक उचित निकास का रास्ता मिल सकेगा।
एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाना: उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा चेयरमैन का कार्यकाल कम से कम तीन साल और बढ़ाया जाए, ताकि नेतृत्व में स्थिरता बनी रहे।
नोएल टाटा की भूमिका मजबूत करना: गोयनका का मानना है कि नोएल टाटा को दो बड़ी टाटा कंपनियों की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, जिससे परिवार की भूमिका और पकड़ मजबूत होगी।
नेविल टाटा को बड़ी जिम्मेदारी: उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी को आगे लाने के लिए नेविल टाटा को संचालन में बड़ी भूमिका दी जानी चाहिए।
टाटा ट्रस्ट्स में संतुलन: ट्रस्ट्स की संरचना को नोएल टाटा के विजन के अनुसार संतुलित करने की बात भी उन्होंने कही।
टाटा ग्रुप ने अपना लिया हर्ष गोयनका का फॉर्मूला तो क्या रिजल्ट निकलेगा?
हर्ष गोयनका ने ऑउटकम के बारे में लिखा- अगर ये सभी कदम उठाए जाते हैं तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। जैसे-
- कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत होगा
- नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी
- उत्तराधिकार (succession) की प्रक्रिया आसान होगी
- शापूरजी पालोनजी समूह के साथ विवाद का सौम्य समाधान निकल सकेगा
- और सबसे महत्वपूर्ण, टाटा समूह का नियंत्रण उसी के मूल ढांचे के भीतर सुरक्षित रहेगा

