गौरेला पेंड्रा मरवाही फाइल फोटो
गौरेला पेंड्रा मरवाही / वन परिक्षेत्र मरवाही विगत वर्षों से आतंक के पर्याय बन चुके हाथियों से काफी पीड़ित है एक और जहां घर बार छोड़ कर आम ग्रामीण सड़क या अन्य स्थान पर आश्रय लेने को विवश है वहीं दूसरी ओर किसान वर्ग अपने फसल से पूरी तरह हाथ धो चुका है।।
विदित हो कि पांच हाथियों का दल कई दिनों से मरवाही क्षेत्र में आतंक मचा के रखा है, मरवाहीक्षेत्र के लगभग दर्जन भर गांव में हाथियों ने अपना आतंक दिखाते हुए समूचे फसल को चौपट कर दिया है।। किसान कई दिनों से अपनी व्यथा लेकर संबंधित अधिकारियों के दर-दर भटककर अपना फरियाद सुन रहे हैं किंतु किसानों के लाख गिड़गिड़ाने पर भी प्रशासन और शासन किसी भी तरह के सहयोग करने के मुद्रा में नहीं दिख रही है।। हाथियों से त्रस्त होकर आज किसान वर्ग ने एकजुटता दिखाते हुए एसडीएम कार्यालय को घेरने के लिए कूच किया और शासन प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए अपनी मांग को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन के रूप में एसडीएम को सौंपा गया,
किसानों का रौद्र रूप देखकर आज प्रशासन भी सकते में आ गया था कि अचानक इन किसानों को हो क्या गया जो किसान शांत अवस्था में रहकर अन्नदाता की भूमिका निभाते हुए फसल उत्पादन में अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखता है आज वही किसान सड़कों पर आकर अपनी व्यथा को आंदोलन के रूप में व्यक्त कर रहा है यह छत्तीसगढ़ के शासन और प्रशासन के लिए अति शर्म की बात है किसान वर्ग ने अपनी पांच सूत्री मांगों में पहला मांग रखा की किसानों को प्रति एकड़ 45000 रुपए क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए क्योंकि शासन के द्वारा प्रति एकड़ 15 से 20 क्विंटल धान खरीदी की जाती है अतः क्षतिपूर्ति की राशि भी धान खरीदी मूल्य के समक्ष हो, दूसरी मांग हाथियों के द्वारा ग्रामीणों के मकानों को नष्ट किया जा रहा है उनकी क्षतिपूर्ति हेतु ₹200000 तत्काल ग्रामीणों को मुहैया कराया जाए तीसरी मांग हाथियों के हमले से घायल व्यक्ति को₹200000 तथा मृतक के परिवार को 50लाख रुपए मुआवजा के साथ एक शासकीय नौकरी प्रदान की जावे
चौथी मांग हाथियों को भगाने में जो मित्र दल हाथी दल के नाम से जाने जाते हैं वह भी अपनी जान माल की परवाह किए बिना हाथियों को भगाने में दिन-रात लगे होते हैं, उनके परिवार की सुरक्षा हेतु उन्हें 50 लाख रुपए का बीमा कवर दिया जाना चाहिए, पांचवी मांग की इस आदिवासी क्षेत्र में समस्त किसान कृषि पर ही निर्भर है लेकिन अघोषित विद्युत कटौती के कारण किसान को अपने कृषि कार्य में सदैव व्यवधान उत्पन्न होते रहता है आता है अघोषित विद्युत कटौती भी बंद किया जाना चाहिए .. इस मांग पत्र को लेकर किसान वर्ग किसान मोर्चा के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दिया गया कि यदि सात दिवस के अंदर इन मांगों पर समाधान कारक निर्णय नहीं लिया गया तो आठवें दिन से किस वर्ग आमरण अनशन हेतु दिवस होगा।।
आज की आंदोलन में मुख्य रूप से किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजलाल राठौर युवा मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य पवन पैकरा,महामंत्री गोविंद गुप्ता,तापस शर्मा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संतोष तिवारी आनंदमोहन राय,राजेश राय,राजेश जायसवल, वीरेंद्र राय,सरवन, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष दौलत राय इंद्रपाल तिवारी विजय बघेल युवा मोर्चा जिला महामंत्री अमरदीप जायसवाल,आकर्ष प्रताप सिंह संदीप मिश्रा,युवराज केवट,युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष एकलव्य केवट विक्रांत राय किशन रजक कन्हैया दुबे सुनील तिवारी अरुण राय संतोष कुमार श्रवण राय अरविंद चंद्रा,गुड्डा राय,दशरथ रजक लोकचंद सोनू रजक,हर्ष सोनी,रोहित सोनी, जीवन लाल प्रकाश प्रजापति निष्कर्ष राय राकेश रजक ज्ञान सिंह पाव प्रेम नारायण राय राजा सिंह कृष्ण कुमार उत्तम सिंह सतीश पंकज राय सुनील राय संजू यादव,पवन यादव मनीष चौधरी रितेश भैना हेमंत शुक्ला निष्कर्ष राय एवन सिंह कंवर लखन लाल पटेल मंगली यादव गिरीश राय,रजनीश राय,बशन्त राय,रामप्रसाद अशोक चंद्र अभिषेक कुमार नोहर सिंह भगवत सिंह प्रशांत नागवंशी सहित सैकड़ो किसानों ने इस आंदोलन में अपना सहयोग और उपस्थिति दी
इस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष महिला प्रभाग एवँ सरपंच मरवाही श्रीमती प्रियदर्शिनी सिंह नहरेल,मरवाही पंच गिरिजा सुमेर एवँ स्वसहायता समूह की बहनों का भी विशेष योगदान रहा।
उक्त आंदोलन में उत्तर मंडल महामंत्री जनपद सदस्य आयुश कुमार मिश्रा का विशेष सहयोग रहा।। आंदोलन का नेतृत्व किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह नहरेल (भोलुसरपंच)ने करते हुए समस्त किसान बंधुओ का आभार व्यक्त किया।।

