BCCI का बड़ा प्लान: वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे समेत 64 युवा खिलाड़ियों को मिलेगा रेड बॉल क्रिकेट में निखरने का मौका, टीम इंडिया डेब्यू की राह होगी आसान

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

नई दिल्ली
घरेलू टेस्ट मैचों में हाल के समय में मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब भविष्य की तैयारी में जुट गया है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार के बाद बोर्ड ने लाल गेंद क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है। इस नई पहल के तहत वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मौका मिलने जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के नेतृत्व में जून-जुलाई के दौरान एक अंतर-सीओई (CoE) टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में देशभर से चुने गए 64 अंडर-25 खिलाड़ियों को चार-दिवसीय मैच खेलने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य टेस्ट क्रिकेट के लिए मजबूत प्रतिभा पूल तैयार करना है।

रेड बॉल पर फोकस, लंबी तैयारी का हिस्सा

बीसीसीआई की यह योजना केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अगले एक साल के विस्तृत रोडमैप के रूप में तैयार किया गया है। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होने वाले हाई परफॉर्मेंस कैंप के दौरान खिलाड़ियों को रेड बॉल क्रिकेट की बारीकियों पर खास ध्यान दिया जाएगा। अलग-अलग परिस्थितियों के अनुरूप पिचें तैयार की जाएंगी ताकि खिलाड़ी हर तरह की चुनौती के लिए तैयार हो सकें।

64 खिलाड़ियों का चयन, चार टीमों में होगा बंटवारा

इस योजना के तहत कुल 64 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें 16-16 खिलाड़ियों की चार टीमों में विभाजित किया जाएगा। हर टीम को कम से कम दो चार-दिवसीय मैच खेलने का मौका मिलेगा। चयन प्रक्रिया भी संतुलित रखी गई है—25 खिलाड़ियों का चयन जूनियर चयन समिति करेगी, जबकि 25 खिलाड़ियों को सीनियर चयन समिति चुनेगी। इसके अलावा 14 खिलाड़ी आईपीएल से भी शामिल किए जाएंगे।

इन्हीं आईपीएल खिलाड़ियों में आयुष म्हात्रे, वैभव सूर्यवंशी और समीर रिजवी जैसे नाम शामिल हैं, जो पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। यदि ये खिलाड़ी फिट रहते हैं तो इनका चयन लगभग तय माना जा रहा है।

श्रीलंका दौरे से मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव

टूर्नामेंट के बाद बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भारत अंडर-19 और इमर्जिंग (अंडर-25) टीम में शामिल किया जाएगा। आईपीएल के समापन के बाद इन दोनों टीमों का श्रीलंका दौरा प्रस्तावित है, जहां चार-दिवसीय मैच खेले जाएंगे। यह दौरा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देगा।

‘शैडो टूर’ से टीम इंडिया के करीब पहुंचेंगे खिलाड़ी

बीसीसीआई की योजना के तहत उभरते खिलाड़ियों को भारत ‘ए’ टीम के साथ ‘शैडो टूर’ पर भी भेजा जाएगा। इसका मतलब है कि ये खिलाड़ी सीनियर टीम के साथ रहकर सीखेंगे और जरूरत पड़ने पर सीधे टीम इंडिया में शामिल किए जा सकेंगे।

चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ की भूमिका अहम

इस पूरे प्रोग्राम को सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर की निगरानी में अंतिम रूप दिया जाएगा। सभी स्तर के कोच—अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 और भारत ए—को भी इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि खिलाड़ियों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।

क्या जल्द मिलेगा टीम इंडिया में मौका?

इस महत्वाकांक्षी योजना से साफ संकेत मिलते हैं कि बीसीसीआई अब टेस्ट क्रिकेट के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है। वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह सुनहरा अवसर है। अगर वे इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए उनका डेब्यू भी संभव हो सकता है।

कुल मिलाकर, बीसीसीआई का यह कदम भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles