ढाका:
बांग्लादेश क्रिकेट में जारी उथल-पुथल के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए Bangladesh Cricket Board (बीसीबी) को बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रीय खेल परिषद ने यह फैसला मंगलवार को लिया और साथ ही 11 सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया है, जो अगले कुछ महीनों तक बोर्ड का कामकाज संभालेगी।
खेल परिषद के मुताबिक, यह निर्णय हाल ही में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जांच में पिछले चुनावों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद मौजूदा बोर्ड को भंग करना जरूरी समझा गया। एडहॉक कमेटी को 90 दिनों के भीतर नए और पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
इससे पहले बीसीबी के सात अधिकारियों ने अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिससे स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई थी। अमिनुल इस्लाम की अध्यक्षता वाला बोर्ड पहले से ही विवादों में घिरा हुआ था और उसके फैसलों पर सवाल उठ रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय खेल परिषद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी International Cricket Council (आईसीसी) से भी चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, आईसीसी के साथ समन्वय बनाकर ही यह कदम उठाया गया ताकि बांग्लादेश क्रिकेट पर किसी प्रकार का अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध न लगे।
चुनावी गड़बड़ियों ने बढ़ाई परेशानी
जांच समिति की रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, नियमों के उल्लंघन और पक्षपात जैसे आरोपों की पुष्टि हुई है। इसी के चलते सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। खेल मंत्री अमिनुल हक ने पहले ही संकेत दिए थे कि रिपोर्ट आने के बाद कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
भारत के साथ रिश्तों में आई दरार
बांग्लादेश क्रिकेट में आंतरिक संकट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ा है। हाल ही में बांग्लादेश ने भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था। बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था, जिससे दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में खटास आ गई।
इसके अलावा, आईपीएल 2026 से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को हटाए जाने के बाद भी विवाद और बढ़ गया था। इन घटनाओं ने क्रिकेट प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
आगे क्या?
अब सबकी नजर एडहॉक कमेटी पर है, जिसे सीमित समय में न सिर्फ प्रशासनिक स्थिरता बहाल करनी है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव कराकर नए नेतृत्व को स्थापित भी करना है। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो बांग्लादेश क्रिकेट एक बार फिर पटरी पर लौट सकता है।


