नई दिल्ली:(cgcitynews ) भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी चुनावों की तैयारी के तहत मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया को और अधिक मज़बूत और पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने देश के आठ प्रमुख राज्यों में विशेष रोल पर्यवेक्षकों (Special Roll Observers – SRO) की नियुक्ति की घोषणा की है। ये SROs पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में SIR की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।
SROs की भूमिका और मुख्य कार्य
भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा SROs की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य सुचारू, समावेशी और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न हो। ये पर्यवेक्षक “कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो” के सिद्धांत पर केंद्रित होकर काम करेंगे। इनकी मुख्य जिम्मेदारियाँ विस्तृत रूप से निर्धारित की गई हैं। SROs मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी दावे और आपत्तियाँ नियमानुसार और निष्पक्ष तरीके से निपटाई जाएँ।
SROs सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के राज्य और जिला स्तरीय नेतृत्व के साथ नियमित बैठकें करेंगे। इसका उद्देश्य राजनीतिक दलों की चिंताओं को सुनना और उन्हें प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में आश्वस्त करना है। वे राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEOs) और मतदाता सूची आयुक्तों के साथ होने वाली बैठकों में व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। यह भागीदारी सुनिश्चित करेगी कि जमीनी स्तर की चुनौतियाँ तुरंत आयोग के संज्ञान में लाई जा सकें और उनका समाधान हो सके। नियुक्त किए गए SROs से अपेक्षा की जाती है कि वे फरवरी 2026 में अंतिम मतदाता सूचियों के प्रकाशन तक, इन राज्यों में सप्ताह में दो दिन उपस्थित रहकर अपना काम करें।
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12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR जारी
भारत निर्वाचन आयोग आयोग ने पुष्टि की है कि वर्तमान में देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया करवाई जा रही है। इनमें छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं।
चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता और शुद्धता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। विशेष रोल पर्यवेक्षकों की तैनाती से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में हितधारकों, विशेषकर राजनीतिक दलों, का विश्वास भी मज़बूत होगा।
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