विधानसभा चुनाव 2023 //छत्तीसगढ़ में पहली लिस्ट जारी कर बीजेपी फ्रंटफुट पर खेलने का दावा कर ही रही थी कि एक नई मुसीबत उसके सामने खड़ी हो गई. दरअसल पार्टी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आने वाली है लेकिन इससे पहले ही संभावित प्रत्याशियों की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस ने फिलहाल अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है और बीजेपी की पहली सूची (BJP’s first list) आ चुकी है. पहली लिस्ट जारी कर बीजेपी फ्रंटफुट पर खेलने का दावा कर ही रही थी कि एक नई मुसीबत उसके सामने खड़ी हो गई. दरअसल पार्टी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आने वाली है लेकिन इससे पहले ही संभावित प्रत्याशियों की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल (viral on social media) हो गई. इसी वायरल लिस्ट को लेकर प्रदेश की कई सीटों पर कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए.कुल मिलाकर इसे लेकर प्रेशल पॉलिटिक्स शुरू हो गई है. अब प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को सामने आना पड़ा और उन्होंने साफ किया कि ये पार्टी की आधिकारिक सूची नहीं है. इसके बावजूद बवाल कम होता नहीं दिख रहा है.

विरोध के लिए कई सीटों के नेता भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंच रहे हैं तो कई पत्र भेजकर अपना विरोध जता रहे हैं. इस विरोध से नुकसान का अंदाजा पार्टी के आला नेताओं को भी हो गया है.इसी का नतीजा है कि 1 अक्टूबर को दिल्ली में भाजपा सीईसी बैठक के बाद 5 अक्टूबर को फिर से प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और संगठन मंत्री पवन साय को दिल्ली बुलाया गया. प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के घर इनकी बैठक हुई.
प्रत्याशियों की इस वायरल सूची को लेकर राज्य के करीब 20 सीटों पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. ये सीटें है- धरसीवा,वैशाली नगर,दुर्ग शहर,तखतपुर,आरंग, साजा,कोटा,कटघोरा,नवागढ़,बेमेतरा,संजारी बालोद,पंडरिया,लैलूंगा,सारंगढ़ और सामरी. इस बीच अरुण साव ने कहा कि इस सूची को कतई आधिकारिक न माना जाए. कहा जा रहा है कि विरोध को देखते हुए कई सीटों पर अब नए तरह से सर्वे कराकर प्रत्याशी तय किए जाएंगे.


