कोरबा / cgcitynews // छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में होने वाले लोकप्रिय डांसर सपना चौधरी के प्रस्तावित म्यूजिकल कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फॉनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) ने जश्न रिसॉर्ट, कोरबा के संचालक को 50 लाख रुपये का कानूनी नोटिस थमा दिया है। मामला सीधे तौर पर कॉपीराइट एक्ट उल्लंघन से जुड़ा बताया जा रहा है।
पीपीएल के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को प्रस्तावित “Sapna Choudhary Musical Event” से पूर्व ही रिसॉर्ट प्रबंधन को कई बार लिखित चेतावनी दी गई थी कि किसी भी प्रकार के कॉपीराइटेड म्यूजिक के सार्वजनिक प्रसारण से पहले अनिवार्य लाइसेंस लिया जाना आवश्यक है।
❗ नोटिस क्यों भेजा गया
- 6 अक्टूबर 2025 – Apprehension Notice
- 10 नवंबर 2025 – Final Legal Notice
पीपीएल का आरोप है कि इन दोनों नोटिसों के बावजूद लाइसेंस नहीं लिया गया, और रिसॉर्ट परिसर में बिना अनुमति कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल होने दिया गया जो कि सीधे तौर पर Copyright Act 1957 का उल्लंघन है।
⚖️ जश्न रिसॉर्ट पर जिम्मेदारी तय
पीपीएल ने अपने री-ज्वाइंडर में स्पष्ट कहा है कि—
स्थल संचालक होने के नाते जश्न रिसॉर्ट कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
कॉपीराइट कानून के अनुसार,
कोई भी व्यक्ति या संस्था जो अपने प्रांगण को बिना लाइसेंस संगीत कार्यक्रम हेतु उपलब्ध कराती है, उसे उल्लंघन का साझेदार माना जाता है।
इसलिए केवल आयोजकों पर जिम्मेदारी डालकर रिसॉर्ट प्रबंधन अपने दायित्व से नहीं बच सकता।
💰 50 लाख रुपये की मांग
पीपीएल ने अपने नोटिस में—
- पूर्व कॉपीराइट उल्लंघन पर 50 लाख रुपये का हर्जाना
- वैध लाइसेंस शुल्क जमा करने
की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में बिना लाइसेंस किसी भी कार्यक्रम में PPL के साउंड रिकॉर्डिंग्स के उपयोग पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।
🏛️ बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का हवाला
पीपीएल ने नोटिस में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लेख किया है, जिनमें अदालत ने साफ कहा है—
बिना वैध लाइसेंस सार्वजनिक स्थल पर संगीत बजाना अवैध है और इसकी जिम्मेदारी स्थल संचालक पर भी तय होती है।
🤐 जश्न रिसॉर्ट की ओर से चुप्पी
अब तक जश्न रिसॉर्ट प्रबंधन या इवेंट आयोजकों की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
सपना चौधरी के कोरबा कार्यक्रम को लेकर उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है।
कानूनी कार्यवाही की आंच सीधे रिसॉर्ट प्रबंधन तक पहुंच रही है और कोरबा में यह मामला अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।


