कोरबा–तुमान // विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत रावा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्षेत्र के पहाड़ी एवं आदिवासी बहुल इलाके के ग्रामीणों के लिए एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है, जहां राष्ट्रपति दत्तक पुत्र ग्राम समेत आसपास के दूरदराज के ग्रामीण इलाज के लिए आश्रित हैं। लेकिन विडंबना यह है कि आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाला यही अस्पताल आज खुद मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुका है।
स्वास्थ्य मद में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक है। स्वास्थ्य केंद्र में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष/महिला) पदस्थ होने के बावजूद संसाधनों के अभाव में सेवा प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सरपंच, पंच, बिजली विभाग, उपकनिष्ठ अभियंता, अनुविभागीय अभियंता, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत तक कई बार शिकायत व निवेदन दिए जा चुके हैं, परंतु अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। अस्पताल में बीते सितंबर माह से बिजली पूरी तरह गायब है, जबकि पानी की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है।
कठिन हालात के बावजूद यहां पदस्थ कर्मचारी ग्रामीणों को सेवा देने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। रावा स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों द्वारा बिजली आपूर्ति नहीं होने की सूचना बिजली विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि वर्ष 2022 से अब तक अस्पताल में पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के समय बाहर से पानी मंगाकर काम चलाया जाता है। वहीं बिजली न होने के कारण प्रसव एवं अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में मेडिकल टीम को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों की जान पर भी संकट मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर रावा में तत्काल बिजली एवं पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि दूरस्थ आदिवासी अंचल के लोगों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।