दिल्ली बना साइबर धोखाधड़ी का गढ़, 2021 से दोगुने हुए मामले; केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली साइबर धोखाधड़ी का हॉटस्पॉट बन गई है, जहां 2021 से साइबर घटनाओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने लोकसभा को बताया कि CERT-In के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं। सरकार ने साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलें की हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली साइबर धोखाधड़ी का हॉटस्पॉट बन गई है। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में साइबर सुरक्षा से जुड़े सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, वहीं देश में साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की संख्या 2021 से दोगुनी से अधिक हो गई है।

प्रश्न के लिखित उत्तर में, गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) द्वारा ट्रैक किए गए डाटा को साझा किया, जिसमें पिछले पांच वर्षों में साइबर घटनाओं में तीव्र वृद्धि दिखाई गई है। सीईआरटी-इन के अनुसार, रिपोर्ट की गई साइबर घटनाओं की सबसे अधिक संख्या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से है।

सीईआरटी-इन नियमित रूप से अलर्ट

साइबर खतरों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में मंत्रालय ने कहा कि सीईआरटी-इन नियमित रूप से अलर्ट और सलाह जारी करता है। राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र, साइबर स्वच्छता केंद्र और “साइबर भारत सेतु” कार्यक्रम जैसी पहलों का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और राज्यों और क्षेत्रों में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

सरकार ने कहा कि साइबर घटनाओं के कारण हुए वित्तीय नुकसान का विवरण सीईआरटी-इन द्वारा नहीं रखा जाता है।मंत्रालय ने 31 जनवरी, 2026 तक का डाटा साझा करते हुए कहा कि नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (सीएफसीएफआरएमएस) के माध्यम से 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में 8,690 करोड़ रुपये से अधिक बचाए गए हैं।

1.42 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए

राष्ट्रीय डिजिटल जांच सहायता केंद्र ने 13,417 से अधिक साइबर अपराध के मामलों में सहायता की है, जबकि 1.51 लाख से अधिक पुलिस और न्यायिक अधिकारियों ने ‘साइट्रेन’ प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया है और 1.42 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। साइबर अपराध रजिस्ट्री के तहत 23.05 लाख से अधिक संदिग्धों की पहचान साझा की गई है, जिससे 9,518.91 करोड़ रुपये के लेनदेन को रोकने में मदद मिली है, और समन्वय प्लेटफार्मों की सहायता से 21,857 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

ईडी ने लगभग 36 हजार करोड़ रुपये के साइबर अपराध का पता लगायाअन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बंदी संजय कुमार ने बताया कि ईडी ने पीएमएलए के प्रविधानों के तहत 28 फरवरी 2026 तक साइबर अपराध से संबंधित लगभग 257 मामलों की जांच कर 35,925.58 करोड़ रुपये की अपराध आय की पहचान की है।

 आय के संबंध में राज्यवार डाटा ईडी द्वारा नहीं रखा गया

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से आय के संबंध में राज्यवार डाटा ईडी द्वारा नहीं रखा गया है। अन्य प्रश्न के उत्तर में संजय कुमार ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सहित स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों की “शहादत” आधिकारिक रिकार्ड के होने या न होने पर निर्भर नहीं है। उनके नाम हमेशा भारतीय इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखे जाएंगे। उनका स्थान किसी भी पुरस्कार या उपाधि से कहीं ऊपर है।

वर्ष-वार साइबर घटनाएं
वर्ष (Year) साइबर घटनाएं (Cyber Incidents)
2021 14,02,809
2022 13,91,457
2023 15,92,917
2024 20,41,360
2025 29,44,248

CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles

error: Content is protected !!