कोरबा (cgcitynews)।17/01/26// कोरबा धान उपार्जन केंद्र में अव्यवस्था
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन इस अहम समय में भी कोरबा जिले के छुरी धान उपार्जन केंद्र से प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने आई है। केंद्र में हमाली व्यवस्था की भारी कमी के चलते किसानों को खुद ही धान के बारदाने सिलने पड़ रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
🟡 गोदाम फुल, खुले में रखा जा रहा धान
जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र की भंडारण क्षमता पूरी तरह भर चुकी है। गोदामों में जगह नहीं बचने के कारण किसानों को अपना धान खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे धान खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
🟡 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने खुद की धान की सिलाई
अव्यवस्था की मार सबसे ज्यादा बुजुर्ग किसानों पर पड़ रही है। केंद्र में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान को खुद धान के बारदाने सिलते देखा गया। किसान ने बताया कि हमाल उपलब्ध नहीं होने के कारण मजबूरी में यह काम करना पड़ रहा है, जबकि उम्र और स्वास्थ्य इसकी अनुमति नहीं देता।
🟡 पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं
किसानों ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव है। किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
🟡 ढेरी की अनिवार्यता से बढ़ी किसानों की परेशानी
शासन के नियमों के अनुसार धान खरीदी से पहले ढेरी लगाना अनिवार्य है, उसके बाद ही बारदाने में भरकर खरीदी की जाती है। किसानों का कहना है कि जिनका धान पहले से साफ और सूखा है, उन्हें भी ढेरी लगानी पड़ रही है, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ रहे हैं।
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🟡 प्रबंधक की अनुपस्थिति, जिम्मेदारी टाली
मौके पर समिति प्रबंधक अशोक दुबे की अनुपस्थिति में मौजूद नोडल अधिकारी से जब हमाली व्यवस्था और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने पूरी स्थिति के लिए केंद्र प्रबंधक को जिम्मेदार ठहरा दिया।

