कोरबा / पसान // कोरबा जिला के पसान वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन के मामले में जब्त किए गए ट्रैक्टर से इंजन गायब होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से भरा एक ट्रैक्टर वन विभाग के द्वारा लैंगा से जप्त कर रेंज कार्यालय परिसर पसान में खड़ा कराया गया था, लेकिन कुछ समय बाद जब वाहन की जांच की गई तो ट्रैक्टर का इंजन गायब मिला।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब कोई वाहन वन विभाग की अभिरक्षा में होता है, तो उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होती है। ऐसे में इंजन गायब होना यह दर्शाता है कि या तो रख-रखाव में भारी लापरवाही बरती गई, या फिर मामले में अंदरूनी मिलीभगत हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इंजन जैसे भारी और कीमती पार्ट का इस तरह गायब हो जाना सामान्य नहीं माना जा सकता। मामले की जानकारी होने पर न ही कोई स्पष्ट जवाब सामने आया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पसान रेंज में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के मामलों में पहले भी लापरवाही सामने आती रही है, लेकिन विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है।
अब सवाल यह उठता है कि—
• जब्त वाहन सुरक्षित नहीं हैं तो अवैध तस्करी पर रोक कैसे लगेगी?
• इंजन गायब होने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
• दोषियों पर कब होगी ठोस कार्रवाई?






