38.2 C
Madhya Pradesh
Thursday, April 16, 2026

पसान वन परिक्षेत्र में सक्रिय वन माफिया ,साल वृक्षों की अवैध कटाई और गिरडलिंग

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

कोरबा / पसान // जिले में लकड़ी माफिया सक्रिय है जो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर लकड़ियों की तस्करी करते हैं ,वन विभाग की माने तो इनकी भनक विभाग को नही होती है जबकि  वन क्षेत्रों में अवैध कटाई एवं वनोपजों के अवैध परिवहन एवं अन्य वन अपराधों की रोकथाम के लिए वनक्षेत्रों को वनमंडल, परिक्षेत्र एवं बीटों में विभाजित किया गया है। वनमंडलाधिकारी, उप-वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्रधिकारी, परिक्षेत्र सहायक एवं वन रक्षक(बीट गार्ड) को वन सुरक्षा एवं निगरानी हेतु तैनात किये गये हैं। वनमंडल स्तर पर बीट निरीक्षण हेतु रोस्टर निर्धारित किये गये हैं। इसके तहत् वनमंडलाधिकारी से लेकर बीट गार्ड तक हर एक अधिकारी/कर्मचारी को प्रतिमाह बीट निरीक्षण का लक्ष्य दिया जाता  है। परन्तु कटघोरा वनमंडल के पसान परिक्षेत्र में सैय्या भय कोतवाल के तर्ज पर काम चल रहा है  ,यहाँ वन परिक्षेत्र अधिकारी से लेकर बीटगार्ड तक सभी  लकड़ी तस्करों के प्रति आँख बंद कर बैठे हुए हैं ,

खोडरी बीट में  गिरडलिंग कर हरे भरे पेड़ों की दी जा रही है बलि

पसान परिक्षेत्र के खोडरी के जंगलों में  वन माफिया द्वारा हरे भरे साल के वृक्षों में  गिरडलिंग  कर  देते है जब पेड़ सूख जाता है तो उसे आसानी से गिरा दिया जाता हैं ,पर हैरानी की बात है कि यह सब बीट गार्ड ,या  वन अधिकारियों को नही दिखाई देता है ,या कहे की इस पूरे क्रियाकलापों में विभाग की मौन सहमति रहती हैं
oplus_2

रेंजर ने कर दी जंगल  भेड़ बकरी के हवाले

कटघोरा वन मंडल के पसान परिक्षेत्र में इन दिनों राजिस्थानी भेड़ बकरी का जंगलों में आक्रमण देखा जा रहा है वह पसान के जंगलों को वन विभाग की मिलीभगत से चारागाह बना डाला है जबकि शासन जंगलों को बचाने के लिए साल में करोड़ों रुपये की राशि जारी करती है ,

जिम्मेदार ही गैर जिम्मेदार

जब जिम्मेदार ही गैर जिम्मेदारानापूर्ण हरकत करने  लगे तो फिर ऐसे में तस्करों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। इस मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली किसी से छिपी नहीं है, जहां प्रतिबंधित लकडियों को माफिया बेखौफ काट कर ले जा रहे हैं। वही कभी-कभी वन विभाग के अधिकारी कार्रवाई करते हैं पर जिस तेजी से लकड़ी की तस्करी की जाती है उस अनुपात में कार्रवाई नहीं हो पा रही है।  जब विभाग के अधिकारी एवं वन प्रबधंन समिति के लोगो  को पेड़ो की अवैध कटाई के संबंध में बताया जाता है  तो अधिकारी ,विभाग में स्टाफ की कमी का रोना रोकर मामले में इतिश्री कर लेते है।


CG City News

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

error: Content is protected !!