मोबाइल चोरी होने पर घबराने की बजाय कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण है। किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करा सकते हैं, पुलिस मना नहीं कर सकती।
HighLights
- किसी भी थाने में तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं
- CEIR पोर्टल पर चोरी हुआ फोन ब्लॉक करें
आज के समय में मोबाइल सिर्फ बातचीत करने वाला गैजेट नहीं, बल्कि एक तरह से हमारा डिजिटल बैंक और निजी पहचान पत्र भी है। ऐसे में मोबाइल चोरी होने की स्थिति में हमें घबराने की बजाय तुरंत कानूनी कार्रवाई करनी जरूरी है।
अगर आपका फोन चोरी हो जाता है, तो आप किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए बाध्य है, वह इसे दर्ज करने से मना नहीं कर सकती?
क्या है आपका कानूनी अधिकार?
दरअसल, भारतीय न्याय संहिता में किसी की भी चल संपत्ति को बगैर उसकी अनुमति के लेना दंडनीय है। अगर मोबाइल चोरी होने के बाद कोई आपके फोन से बैंक फ्रॉड या डेटा का गलत इस्तेमाल करता है तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
मोबाइल चोरी होने की स्थिति में क्या करें?
मोबाइल चोरी करना संज्ञेय अपराध है। अगर आपका फोन चोरी होता है तो आप किसी भी थाने में जाकर जीरो पर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्ट्रार (CEIR) पोर्टल पर इसकी जानकारी देकर चोरी किए गए मोबाइल को ब्लॉक करा सकते हैं। ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके।
तुरंत बदल दें पासवर्ड
फोन चोरी होते ही आप अपने बैंकिंग ऐप, यूपीआई, ईमेल और सोशल मीडिया के पासवर्ड बिना देर किए बदल दें। साथ ही सीईआईआर पोर्टल पर जाकर अपना सिम ब्लॉक करा दें। क्योंकि देरी होने से खतरा बढ़ता है।


