छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 63 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल हैं। 36 नक्सलियों पर कुल 1.19 करोड़ रुपये का इनाम था। ये माओवादी जवानों पर हमले और आईईडी विस्फोट जैसी गंभीर घटनाओं में लिप्त रहे हैं। सरकार ने मार्च 2026 तक राज्य से माओवादी हिंसा को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 63 माओवादी शुक्रवार को मुख्यधारा में लौट आए। इनमें 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल हैं।
समर्पण करने वाले 36 माओवादियों पर 1.19 करोड़ रुपये का इनाम था। इनमें डिविजनल व एरिया कमेटी स्तर के पदाधिकारी और हिंसक दल के सदस्य शामिल हैं।
दंतेवाड़ा में 63 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
ये वही कैडर हैं, जिन पर पिछले दो दशकों में जवानों पर हमले, एंबुश, आइईडी विस्फोट और आगजनी जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल होने के आरोप दर्ज रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में 1573 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था और यह सिलसिला इस वर्ष भी जारी है।
सरकार का लक्ष्य 2026 तक नक्सल हिंसा खत्म करना
हाल ही में हिंसक दल के प्रभारी बारसे देवा ने तेलंगाना में समर्पण किया, जिससे बस्तर क्षेत्र में माओवादियों का स्थानीय नेतृत्व समाप्त हो गया है। बुधवार को सुकमा में 64 लाख रुपये के इनामी 26 माओवादियों ने भी समर्पण किया था।
वर्ष 2025 में 500 से अधिक माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक राज्य में माओवादी ¨हसा के समूल खात्मे का लक्ष्य रखा है।


