देश के दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) एक नई कंपनी शुरू करने जा रहे हैं, और इसके लिए उन्होंने एक नामी विदेशी कंपनी के साथ अहम करार किया है। दरअसल, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFSL) और जर्मनी की मशहूर इंश्योरेंस कंपनी आलियांज ग्रुप (Allianz Group) ने मिलकर भारत में एक नई इंश्योरेंस कंपनी शुरू करने का एलान किया है। यह कंपनी जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) और हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) दोनों क्षेत्रों में काम करेगी। कंपनी ने  में इसकी जानकारी दी है।

इस पार्टनरशिप की सबसे खास बात यह है कि इसमें दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 50:50 होगी। यह समझौता भारत सरकार के ‘Insurance for All by 2047’ के विजन को ध्यान में रखकर किया गया है।

क्या है इस ज्वाइंट वेंचर का प्लान?

इस जॉइंट वेंचर (JV) का मकसद इंश्योरेंस को आम आदमी तक आसानी से पहुंचाना है। इसमें दो बड़ी ताकतें एक साथ मिलकर काम करेंगी।

जिओ (Jio) की ताकत: जिओ की डिजिटल पहुंच और भारत के कोने-कोने में मौजूद नेटवर्क।

आलियांज (Allianz) का अनुभव: 136 सालों का ग्लोबल इंश्योरेंस अनुभव और बेहतरीन बीमा प्रोडक्ट्स।

इन दोनों के मिलने से ग्राहकों को ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी मिलेंगी जो समझने में आसान होंगी, डिजिटल तरीके से आसानी से खरीदी जा सकेंगी और हर बजट के लिए उपयुक्त होंगी।

मुकेश अंबानी ने क्या कहा?

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि उनका सपना है कि बेहतरीन चीजें सिर्फ कुछ खास लोगों तक सीमित न रहें, बल्कि हर भारतीय तक पहुंचें। उन्होंने कहा, “इंश्योरेंस सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं है, यह वो बुनियाद है जिस पर परिवार अपना भविष्य भरोसे के साथ बनाते हैं। हम भारत के हर कोने में विश्व स्तरीय इंश्योरेंस समाधान पहुंचाएंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि आलियांज भारत में उनका एक्सक्लूसिव इंश्योरेंस पार्टनर होगा।

आलियांज (Allianz) का क्या कहना है?

आलियांज ग्रुप के सीईओ ओलिवर बेट (Oliver Bäte) ने कहा कि जियो की जबर्दस्त पहुंच और आलियांज के अनुभव के साथ मिलकर, वे भारत के लिए एक बिल्कुल नया इंश्योरेंस मॉडल तैयार करेंगे। यह मॉडल ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, जिससे लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

बता दें कि इस नई कंपनी को शुरू करने के लिए जरूरी सरकारी और नियामक (Regulatory) मंजूरियां मिलना बाकी हैं। इसके अलावा, दोनों कंपनियां भविष्य में लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) के क्षेत्र में भी एक अलग समझौता करने पर काम कर रही हैं।