छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में आरोपी एसडीएम करुण डहरिया को सस्पेंड कर दिया गया है।
Balrampur tribal farmer murder caseL: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में आरोपी एसडीएम करुण डहरिया को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में एसडीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में घायल ग्रामीणों के बयान पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और उनके साथ गए उनके बाहरी साथी विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव व सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115 (2), 3 (5) के तहत मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
रविवार की देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के वाहन से हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। इस दौरान ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और रॉड, डंडे और लात–घूंसों से जमकर पिटाई की।
सारी इंसानियत को ताक पर रखकर बेहोश होने तक जमकर पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 62 वर्षीय ग्रामीण रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
पूर्व सीएम भूपेश ने बोला हमला
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है। राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बघेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”भाजपा के सुशासन में चल रहे ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी।

एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, कुछ दिन पूर्व ही ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवांकर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।’


