बम्हनीडीह. // ब्लॉक के विभिन्न विभागों के अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते। मुख्यालय में रहने सरकारी आवाज बनाए जा रहे लेकिन नियम कानून को दरकिनार अधिकारी 20 से 25 दूर आना जाना करते हैं। साथ ही शासकीय वाहनों का आने जाने में उपयोग किया जाता है। बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत बम्हनीडीह के सीईओ प्रज्ञा यादव को बम्हनीडीह आए लगभग 11 माह हो चुके है पर वह नियमानुसार बम्हनीडीह में निवास नहीं करतीं, बल्कि प्रतिदिन 20 किलोमीटर दूर चांपा के भोजपुर क्षेत्र से शासकीय गाड़ी स्कॉर्पियो में आना जाना करती हैं। इस दौरान भास सरकारी गाड़ी और डीजल का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। जिसे लेकर अब स्थानीय नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों में आक्रोश है, दूसरी ओर कार्यालय में उनकी उपस्थिति बेहद अनियमित है न तो वे समय पर आती है, और न ही सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में मौजूद रहती हैं। कई बार नागरिक और सरपंच घंटों है। उनका इंतजार करते रह जाते हैं लेकिन वे न तो फोन उठाती हैं, न ही मुलाकात के लिए उपलब्ध रहती नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नए सीईओ को आए 11 माह हो चुका है पर वह शासकीय निवास में न रह कर दूर से आना जाना करती है, इसके कारण शहर के कार्य बाधित हो रहे है।
गाड़ी शासकीय और डीजल का निजी उपयोग
सूत्रों के अनुसार, सीईओ प्रज्ञा यादव कार्यालय कार्यों की आड़ में रोज़ शासकीय वाहन का उपयोग निजी यात्रा के लिए करती हैं। हर रोज करीब 40 किलोमीटर का सफर शासकीय गाड़ी से तय किया जा रहा है, जिसका डीजल और वाहन मेंटेनेंस खर्च जनपद पंचायत वहन कर रहा है। यह सीधा सीधा शासकीय संसाधनों का निजी उपयोग और नियमों का दुरुपयोग है, जिसकी जांच की मांग लोगों ने की है।
अधिकारी के इंतजार में घंटों बैठे रहते है लोग
जनपद पंचायत में प्रतिदिन नागरिक अपनी शिकायत, योजना या मस्टर रोल संबंधी कार्य लेकर आते हैं, लेकिन सीईओ की अनुपस्थिति से उन्हें भारी असुविधा झेलनी पड़ती है कई बार बुजुर्ग महिलाएं, दिव्यांग या दूरस्थ गांवों से आए नागरिक बिना काम के लौट जाते हैं। उनका कहना है कि जब भी आते हैं, सीईओ नहीं मिलतीं, हर बार कहा जाता है कि फील्ड या मीटिंग में है। फोन उठता है, न जवाब मिलता है। 1 जनवरी से आज दिनांक तक माने तो 328 दिन हो रहे है। जिसमें 91 साप्ताहिक और सरकारी छुट्टियां है। इन छुट्टियों को कार्यालयीन दिनांक से घट दिया जाए तो कुल 237 दिन हो रहे है। सीईओ प्रज्ञा यादव के घर से ऑफिस की दूरी 20 किलोमीटर है जिसमें एक दिन के आने-जाने में लगभग 300 का डीजल खपत हुआ है और अनुमान लगाया जाए तो 71 हजार 100 का डीजल सिर्फ आने जाने में लगा है।





