

इस तरह की हेराफेरी से न केवल सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई, बल्कि भविष्य में भूमि विवाद और वित्तीय हानि की संभावना भी बढ़ गई थी। कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत पटवारी पर निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व अभिलेखों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले में राजस्व कर्मचारियों को सतर्क रहने का संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि भू-अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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