रूस ने पश्चिमी देशों के इस दावे को खारिज किया है कि वह और चीन ग्रीनलैंड के लिए खतरा हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इसे अस्वीकार्य बताया, साथ ही पश्चिमी देशों की ‘नियम-आधारित विश्व व्यवस्था’ की असंगति पर सवाल उठाया। उन्होंने क्यूबा के खिलाफ अमेरिकी ब्लैकमेल और लैटिन अमेरिका में बढ़ते तनाव पर भी चिंता व्यक्त की। मॉस्को ने यूक्रेन में पश्चिमी हस्तक्षेप को भी अस्वीकार्य दोहराया।
HighLights
- रूस ने ग्रीनलैंड पर पश्चिमी दावों को अस्वीकार्य बताया।
- मारिया जखारोवा ने पश्चिमी ‘नियम-आधारित व्यवस्था’ पर सवाल उठाए।
- क्यूबा और यूक्रेन पर पश्चिमी हस्तक्षेप की निंदा की।
मास्को ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम का यह दावा कि रूस और चीन ग्रीनलैंड के लिए खतरा हैं, अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने ग्रीनलैंड पर पश्चिम के कार्यों के बारे में कहा, ”पहले उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि कुछ आक्रामक है और फिर कहा कि वे इन आक्रामकों से किसी की रक्षा करने के लिए तैयार हैं।”
मौजूदा स्थिति पश्चिम द्वारा निर्मित तथाकथित नियम-आधारित विश्व व्यवस्था की असंगतता को विशेष रूप से स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने क्यूबा को लेकर भी बयान दिया। साथ ही कहा कि क्यूबा के खिलाफ ब्लैकमेल और धमकियों की भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है, खासकर तब जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाना को बहुत देर होने से पहले समझौता करने के लिए कहा था।
किस बात को लेकर जताई चिंता?
जखारोवा ने कहा, ”हम लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम बढ़ते तनाव और आक्रामक बयानबाजी में वृद्धि को लेकर चिंतित हैं।” इसके साथ ही मास्को ने दोहराया कि यूक्रेन में पश्चिमी देशों को रूस स्वीकार्य नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ”रूस के लिए इस तरह के परि²श्य की अस्वीकार्यता से भलीभांति अवगत होने के बावजूद, ब्रिटिश इसे शांति प्रक्रिया को कमजोर करने के एक और उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।”

