कोरबा /तुमान // कोरबा जिले में लंबे समय से रेत तस्करी का काम बेखौफ चल रहा है। इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। छोटे-मोटे निर्माण कार्यों की बात छोडि़ए अब तक करोड़ों के प्रोजेक्ट में चोरी की रेत खपाई जा रही है। ताजा मामला पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के तुमान आहरन नदी से सोल्ड ट्रैक्टर में रेत का अवैध उत्खनन कर अमलडीहा बैचिंग प्लांट में डंप किया जा रहा है
तुमान ग्राम वासियों द्वारा इंदिरा आवास के लिए रेत को सुरक्षित रखा गया लेकिन रेत तस्कर दबंगई दिखाते हुए अहरन नदी से रेत उत्खनन कर अमलडीहा बैचिंग प्लांट में डंप कर रहे है ऐसा ही स्थिति अगर बना रहे तो आने वाले समय में गांव के कार्य हेतु रेत मिलना मुश्किल हो जाएगा लोगो का कहना है कि उच्च अधिकारियों द्वारा किस कारण से कार्यवाही नहीं किया जा रहा है पता नही पर रेत तस्कर जोर शोर से तस्करी में लगें हुए है

बिना पंजीकरण और नम्बर प्लेट के दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्रालियां, परिवहन विभाग और उडऩदस्ता की टीम नहीं कर रही कार्रवाई
कृषि कार्य के लिए विभाग में रजिस्टर्ड ज्यादातर ट्रैक्टर-ट्राली पर मिट्टी-बालू ढोने से लेकर अन्य व्यवसायिक कार्यों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर ट्राली को टैक्स मुक्त रखा गया है, लेकिन इनके मालिकों द्वारा कृषि कार्य के नाम से पंजीयन कराकर अवैध खनिज उत्खनन और माल ढोने में उपयोग किया जा रहा है। कृषि कार्य के नाम पर लिए जाने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों का उपयोग धड़ल्ले से व्यवसायिक कार्यों में किया जा रहा है। कई लोगों ने ट्रैक्टर का पंजीकरण व्यवसायिक वाहन के रूप में कराया है, जबकि ट्राला का पंजीकरण अब तक नहीं कराया है। इस तरह व्यवसायिक उपयोग से रजिस्ट्रेशन की शर्तों की अवहेलना हो रही है, जिसके लिए पूर्ण रूप से परिवहन विभाग जिम्मेदार

