छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में पुलिस को माओवादी संगठन के दो प्रमुख एरिया कमेटी मेंबरों के आत्मसमर्पण में सफलता मिली है। संतोष उर्फ लाल पवन और मंजू उर्फ नंदे, जो 20 और 23 साल तक सक्रिय रहे, उन्होंने पुलिस की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। इन दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था और ये कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे। आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने साथियों से भी हिंसा छोड़ने की अपील की।
पुलिस को माओवादी संगठन के दो प्रमुख एरिया कमेटी मेंबरों के आत्मसमर्पण में सफलता मिली है। 20 और 23 साल तक सक्रिय रहे संतोष उर्फ लाल पवन और मंजू उर्फ नंदे ने पुलिस की मानवीय पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया।
इन दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था और ये कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे। पुलिस के अनुसार दोनों माओवादी सात गंभीर घटनाओं में सक्रिय रहे, जिनमें पुलिसकर्मियों की बलिदान की घटनाएं शामिल हैं।
गरियाबंद में 20 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण के बाद संतोष और मंजू ने अपने साथियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की। राज्य की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें नकद प्रोत्साहन और कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस आत्मसमर्पण के साथ गरियाबंद में 2025 में 20 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

