ईरान की धमकी से बढ़ा तनाव: Apple, Google सहित अमेरिकी कंपनियां निशाने पर

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

तेहरान/वॉशिंगटन:

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी टेक कंपनियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी नेताओं या ठिकानों पर हमले जारी रहे, तो वह अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। इस बयान ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, वहीं अमेरिका की ओर से इसे हल्के में लेने की प्रतिक्रिया सामने आई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तंज कसते हुए ईरान की धमकी का मजाक उड़ाया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “वे किससे हमला करेंगे? बीबी गन से?” उनका यह बयान ईरान की क्षमता पर सवाल उठाने और उसकी चेतावनी को कमतर आंकने के तौर पर देखा जा रहा है।

किन कंपनियों को बनाया गया निशाना

IRGC द्वारा जारी बयान में जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है, उनमें Apple, Google, Microsoft, Intel, IBM, Tesla और Boeing जैसी प्रमुख अमेरिकी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां तकनीक, रक्षा, विमानन और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

ईरान ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की “आक्रामक कार्रवाई” होती है, तो इन कंपनियों के क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही कर्मचारियों को सावधानी बरतने और अपने कार्यस्थलों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई है।

1 अप्रैल से कार्रवाई की चेतावनी

IRGC ने अपने बयान में कहा है कि संभावित कार्रवाई 1 अप्रैल से तेहरान समयानुसार रात 8 बजे से शुरू हो सकती है। भारतीय समय के अनुसार यह रात करीब 10:30 बजे बनता है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान किस प्रकार के हमलों की योजना बना रहा है—चाहे वह साइबर हमले हों, आर्थिक दबाव हो या भौतिक हमले।

ट्रंप ने उठाए सवाल

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने बार-बार पूछा कि ईरान ने आखिर किस तरह की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि “आपको यह भी नहीं पता कि खतरा क्या है,” जिससे उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स की अस्पष्टता पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने आगे कहा कि ईरान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन फिलहाल इस चेतावनी को गंभीर सैन्य खतरे के रूप में नहीं देख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया पहले से ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी, हालिया घटनाओं के बाद और तेज हो गई है।

सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भले ही यह चेतावनी प्रत्यक्ष सैन्य हमले में तब्दील न हो, लेकिन इससे क्षेत्र में काम कर रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान की यह चेतावनी केवल कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है या आने वाले दिनों में इसका कोई ठोस असर भी देखने को मिलेगा।


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles