आगामी 2024 के छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारी जोरो से चालू हो चुकी है | इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है की स्क्रीनिंग कमेटी की लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और विधायकों के विगत कार्यकाल के प्रदर्शन के आधार पर आगामी टिकटों का वितरण होना है |
इस टिकट वितरण में छत्तीसगढ़ के त्रिदेव “कका” “बबा” और “दाऊ” की जोड़ी की अहम् भूमिका होने वाली है |
पूर्व में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कई वर्तमान विधायकों के टिकट काटने के संकेत मिल चुके है वही दूसरी तरफ कुछ विधायकों को अभयदान मिलने की सम्भावना के संकेत है |
बिलासपुर संभाग में दाऊ की भूमिका अहम् होगी वही दूसरी तरफ बबा संभालेंगे सरगुजा संभाग | वर्तमान में टिकटों की मारामारी है और एक सीट पर कई कांग्रेसी प्रत्याशियों ने आवेदन किया हुआ है | त्रिदेवो की राय स्क्रीनिंग कमेटी के त्रिदेव (अजय माकन, कुमारी शैलजा और मल्लिकार्जुन खरगे ) को कितनी जंचेगी ये तो भविष्य ही बताएगा लेकिन राजनैतिक गलियारों से जो खबर छन कर आ रही है उससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है की “कुछ के सर पर सजेंगे ताज और कुछ वर्तमान विधायक होंगे टिकटों के मोहताज जिन पर हो सकता है भविष्य में गिर जाए गाज” |
लेकिन भारतीय राजनीती में ये बात भगवान् भी जानता है की अंत में फैसला “जनता की अदालत” में ही होगा |
छत्तीसगढ़ की राजनीती में त्रिदेवो की भूमिका:
भूपेश बघेल (कका): वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में त्रिदेव भूपेश बघेल का योगदान महत्वपूर्ण होगा। वह कांग्रेस पार्टी के नेता है और उनकी पार्टी चुनाव में अपने प्रत्याशियों के लिए रणनीति बनाने और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयारी कर रही है।
टीएस सिंहदेव (बबा): टीएस सिंहदेव, जो छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री हैं, भी कांग्रेस पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक हैं। उनकी भूमिका चुनावी प्रचार में, वित्त योजनाओं में और पार्टी के रूझान में महत्वपूर्ण हो सकती है।
चरण दास महंत (दाऊ): चरण दास महंत भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और वे छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल के नेतृत्व में चुनाव में भाग लेंगे। उनकी जनसंवाद क्षमता और राजनीतिक अनुभव का उपयोग पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

