मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी और भी तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने तेल की सप्लाई में बाधा डाली तो अमेरिका का जवाब “20 गुना ज्यादा ताकतवर” होगा।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री मार्ग है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
यह रास्ता Iran, Oman, Saudi Arabia, United Arab Emirates, Kuwait और Iraq जैसे तेल उत्पादक देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अगर यहां कोई सैन्य टकराव होता है या तेल टैंकरों की आवाजाही रुकती है, तो इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी।
उन्होंने लिखा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल व्यापार में बाधा डालने की कोशिश की, तो अमेरिका ऐसे ठिकानों को निशाना बनाएगा कि ईरान के लिए दोबारा खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता है जो कुछ ही समय में ईरान की प्रमुख सैन्य संरचनाओं को खत्म कर सकती है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कदम उठाना अमेरिका की मजबूरी होगी ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रह सके।
“मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा”
अपने बयान में ट्रंप ने बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने तेल टैंकरों को रोकने की कोशिश की तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ऐसा जवाब देगा जिससे ईरान पर “मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी उम्मीद है कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनेगी और ईरान ऐसा कदम नहीं उठाएगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था का सवाल
ट्रंप ने अपनी चेतावनी को सिर्फ अमेरिका की सुरक्षा से नहीं जोड़ा बल्कि इसे वैश्विक व्यापार से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए जरूरी है क्योंकि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे बड़े देश इसी रास्ते से आने वाले तेल पर निर्भर हैं।
इसलिए अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए होगी।
चीन के लिए ‘तोहफा’ वाला बयान
ट्रंप ने अपने बयान में China का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह चेतावनी चीन और अन्य बड़े देशों के लिए एक तरह का “तोहफा” है क्योंकि इससे वैश्विक व्यापार सुरक्षित रहेगा।
ट्रंप के मुताबिक, अगर अमेरिका सख्ती नहीं दिखाता तो दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा नुकसान हो सकता था।
ईरान की सैन्य क्षमता पर दावा
अमेरिकी टीवी नेटवर्क CBS News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसके पास सीमित मिसाइल क्षमता बची है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान के कई सैन्य ठिकाने और कम्युनिकेशन सिस्टम पहले ही नष्ट हो चुके हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ महीनों से लगातार तनाव बढ़ रहा है।
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच टकराव के कारण क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं। कई बार यह आशंका भी जताई गई कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो दुनिया में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ऐसा हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी बयानबाजी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई देश इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो इसका असर तेल की कीमतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक हर जगह दिखाई देगा।


