गौरेला पेंड्रा मरवाही:: जिले में पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। जीपीएम जिले के वनकर्मी ने थाने में लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है पीड़ित वनकर्मी शिव शंकर तिवारी ने गौरेला थाना में आवदेन सौंपकर, न्याय और तथाकथित पत्रकार पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

पीड़ित ने आवेदन में लिखा कि विषयांतर्गत लेख है कि आवेदक ग्राम केंवची में परिक्षेत्र सहायक के पद पर पदस्थ है। जो परिक्षेत्र गौरेला वनमण्डल मरवाही के अन्तर्गत आता है। वनपरिक्षेत्र गौरेला में दिनांक 04.02.2023 एवं 21.03.2023 को आदेश जारी कर आवेदक को वनमण्डल कार्यालय का साफ-सफाई एवं विशेष मरम्मत कार्य का विधिवत लिखित में आदेश किया था।
जिसके अनुसार आवेदक अपने अधिनस्त वनरक्षक के माध्यम से उक्त कार्य को कराकर प्रमाणक बनाकर पासिंग कार्यालय गौरेला के माध्यम से प्रस्तुत कर भुगतान कराया गया। वन विभाग में कोई भी कार्य का भुगतान परिक्षेत्र सहायक के माध्यम से नहीं होता है।
उस प्रकार उक्त कार्य का भुगतान वनमण्डलाधिकारी के आदेशानुसार परिक्षेत्र अधिकारी गौरेला के माध्यम से सम्बधित मजदूर एवं फर्म में बैंक एकाउंट के माध्यम से किया गया है। जैसा कि वन विभाग में नियम है। वन विभाग के अंतर्गत कराये गये कार्य का प्रमाणक परिक्षेत्र सहायक एवं परिसर के द्वारा बनाकर परिक्षेत्र अधिकारी के माध्यम से उपवनमण्डलाधिकारी के कार्यालय जाता जिसका भौतिक सत्यापन दोनों वरिष्ठ अधिकारी एवं उपवनमण्डलाधिकारी के द्वारा किया जाता है।
जिसके उपरान्त वनमण्डलाधिकारी परिक्षेत्र अधिकारी के बैंक खाते में धनादेश के माध्यम से जमा किया जाता है। इसके बाद परिक्षेत्र अधिकारी सम्बंधित मजदूर या फर्म को किया जाता है। चूकि भुगतान की प्रक्रिया में परिक्षेत्र सहायक का कोई भी भूमिका नहीं होती है और न कोई शासकीय (लेजर) या चेक नही होता है। उक्त पत्रकार मिथलेश आयाम द्वारा आवेदक से नाजायज मांग किया गया।
जिसे पूरा नहीं किया जाने पर पत्रकार द्वारा आवेदक की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से अपने पोर्टल चैनल अंतिम तक के माध्यम से विभिन्न वाट्सप्प ग्रुपों में प्रतिदिन मेरे खिलाफ समाचार भेजा जा रहा है। जिससे आवेदक मानसिक रूप से अत्यन्त दुखी एवं आहत है। आवेदक की समाज एवं विभाग में छवि धूमिल हो रही है।
पुलिस जांच में क्लियर होगा की कर्मचारी ने अपनी करतूत छुपाने के लिए शिकायत की है ,या कथित पत्रकार ने पत्रकारिता का दुरुपयोग किया है ,जो भी हो जाँच में दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा

