पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश के सम्मान हेतु आईसीसी और बीसीबी अधिकारियों से मुलाकात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बैठक का मकसद बांग्लादेश के साथ हुए अन्याय को उजागर करना था, जिसके बाद उनकी सभी मांगें मान ली गईं। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी, लेकिन बैठक के बाद खेलने को राजी हो गया। बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा और उसे 2028-31 में आईसीसी इवेंट की मेजबानी मिलेगी।
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- मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश के सम्मान हेतु बैठक का खुलासा किया
- बांग्लादेश की मांगें मानी गईं, कोई जुर्माना नहीं लगेगा
- पाकिस्तान भारत के खिलाफ खेलने को हुआ राजी
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने मंगलवार को बीसीबी और आईसीसी के अधिकारियों के साथ हालिया बैठक के बारे में कहा कि इसका मकसद बांग्लादेश के लिए सम्मान पाना था। नकवी ने द डॉन से बात करते हुए कहा कि हमने आइसीसी के साथ बैठक में बांग्लादेश के अलावा किसी और बात पर चर्चा नहीं की।
हमारा एकमात्र मकसद बांग्लादेश को सम्मान दिलाना था, उनके साथ हुए अन्याय को सामने लाना था और आपने देखा कि बांग्लादेश ने जो भी मांगें रखीं, वे मान ली गईं। नकवी ने कहा कि हमारा कोई निजी मकसद नहीं था आज हमारा काम पूरी तरह से बांग्लादेश से जुड़ा था। सरकार ने उसी आधार पर फैसला लिया। जब उनकी मांगें मान ली गईं और यह मान लिया गया कि उनके साथ अन्याय हुआ है, उसके बाद हम खेल रहे हैं।
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पाकिस्तान खेलने को हुआ राजी
दरअसल, पाकिस्तान की सरकार इस बात की घोषणा की थी कि वे 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बाद आईसीसी हरकत में आई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा की मुलाकात लाहौर में हुई। इस दौरान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ अमीनुल इस्लाम भी मौजूद रहे और इस बैठक के बाद पाकिस्तान की सरकार ने भारत के खिलाफ खेलने की इजाजत दी।
बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं
आईसीसी ने इस बैठक के बाद एलान किया था कि बांग्लादेश पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा और किसी भी तरह का प्रतिबंध भी नहीं लगेगा। इसके अलावा उन्हें 2028-31 के बीच एक आईसीसी इवेंट की मेजबानी करने का मौका मिलेगा।


