छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि पति को बिना बताए घर छोड़कर किसी अन्य पुरुष के साथ रहना परित्याग माना जाएगा।
HighLights
- पति को बिना बताए घर छोड़ना परित्याग माना गया।
- दूसरे पुरुष के साथ रहने वाली पत्नी को भत्ता नहीं।
- हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का निर्णय बरकरार रखा।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि पति को बिना सूचित किए घर छोड़कर जाना और किसी अन्य पुरुष के साथ समय बिताना परित्याग की श्रेणी में आता है।
इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने पत्नी की गुजारा भत्ता की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। महिला अपने दो बच्चों को छोड़कर 10 दिन तक दिल्ली में एक अन्य पुरुष के साथ रही थी।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए कहा कि यदि पत्नी बिना ठोस कारण के अपने बच्चों और पति को छोड़कर जाती है, तो वह सीआरपीसी की धारा 125 (4) के तहत गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है।
भरण-पोषण का दिया था आवेदन
भिलाई निवासी महिला ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का आवेदन दिया था, जिसमें उसने कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पति की सहमति से दिल्ली गई थी। पति ने कोर्ट में बताया कि पत्नी 11 नवंबर 2022 को बिना बताए बच्चों को छोड़कर चली गई थी।
बाद में पता चला कि वह एक व्यक्ति और अपनी बहन के साथ दिल्ली गई थी। दुर्ग के फैमिली कोर्ट ने सबूतों के आधार पर पत्नी की याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि पत्नी का ऐसा व्यवहार स्वैच्छिक परित्याग के अंतर्गत आता है।


