महिला आरक्षण ने तोड़ी दलों की दीवारें, विपक्ष की महिला नेताओं का भी समर्थन

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मोदी सरकार का नारी शक्ति वंदन अधिनियम दलों की दीवारों को तोड़ रहा है। विपक्षी महिला नेताओं ने भी इसका खुलकर समर्थन किया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इसे ऐतिहासिक बताया।

  1. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को मिला व्यापक समर्थन।
  2. पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बताया ऐतिहासिक कदम।
  3. मायावती ने एससी, एसटी, ओबीसी कोटा की मांग की।

 नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में मोदी सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिसने दलों की दीवारों को भी काफी हद तक तोड़ दिया है।

खास तौर पर विपक्षी दलों से महिला नेताओं ने सरकार के इस कदम का खुलकर समर्थन किया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने जहां इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताया है, वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।

हालांकि, बसपा प्रमुख ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को दिए जा रहे 33 प्रतिशत आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं का अलग से कोटा रखने की मांग भी की है।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लिए विशेष सत्र

गुरुवार से शुरू हुए संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक लाया जा रहा है।

इसमें परिसीमन पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने संयुक्त रूप से सरकार के विरोध की रणनीति बनाई है, लेकिन उल्लेखनीय है कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लाए जा रहे इस संशोधन विधेयक ने विपक्ष की भी कई महिला नेताओं को सरकार के समर्थन में खड़ा कर दिया है।

प्रतिभा पाटिल ने किया सरकार के निर्णय का स्वागत

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान ही देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं प्रतिभा पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार के इस निर्णय का समर्थन और स्वागत किया है।

उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक बताने के साथ ही लिखा कि यह संविधान संशोधन ऐसा परिवर्तनकारी कदम है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करेगा और विधायी संस्थाओं में महिलाओं का मजबूत प्रतिनिधित्व व भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा है कि पहली महिला राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने हमेशा इस बात की पैरोकारी की है कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी हो सकता है, जब उन्हें राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों में समान अवसर दिए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया है कि यह प्रगतिशील पहल असंख्य महिलाओं, खास कर ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं में नेतृत्व भूमिका और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के प्रति आकांक्षाओं को जागृत करेगी।

मायावती ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का समर्थन किया

इसी तरह बसपा प्रमुख व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी हमेशा को महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन वह 33 प्रतिशत आरक्षण का भी स्वागत करती हैं। इस निर्णय को देरी से लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि इसके बावजूद वह इसका स्वागत करती हैं।

हालांकि, साथ में मायावती ने 33 प्रतिशत आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं का अलग से कोटा तय करने की भी मांग की है। वहीं, अन्य विपक्षी महिला नेताओं की बात करें तो पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीरा कुमार सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में भी शामिल हुईं।

इसी तरह कांग्रेस नेता डॉ. जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा रखी है कि नए परिसीमन की प्रतीक्षा किए बिना महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाए।


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