कोंडागांव जिले का ऐतिहासिक एवं पारंपरिक मेला विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। लगभग 700 वर्षों से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है। बुजुर्गों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मेले का इतिहास करीब सात शताब्दी पुराना है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी निरंतर जारी है।
24 परगना से देवी-देवताओं के समागम के साथ 6 दिवसीय कोंडागांव मेला महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को क्षेत्र के विभिन्न नर्तक दलों द्वारा एनसीसी मैदान में नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वहीं विकास नगर स्टेडियम ग्राउंड में मीना बाजार सजा है, जो रविवार 1 मार्च तक संचालित रहेगा। शासन-प्रशासन द्वारा मेले को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
एसडीएम अजय उरांव ने बताया कि मेले को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों को बायपास मार्ग से गुजारने के निर्देश पूर्व में ही जारी कर दिए गए हैं। आगंतुकों के लिए चौपाटी मैदान, बीजेपी कार्यालय के सामने हॉस्टल मैदान, मंडी परिसर एवं सरदार पेट्रोल पंप के सामने मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। एनसीसी मैदान में विभिन्न सरकारी योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां नागरिकों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
मीना बाजार में लगे झूलों की सुरक्षा जांच एवं मॉनिटरिंग की गई है। संचालक सुधीरकांत सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष हाईटेक झूले, विशेषकर ‘जलपरी’, प्रमुख आकर्षण हैं। प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी सुरक्षा मानकों के बाद झूलों का संचालन किया जा रहा है। रविवार 1 मार्च को मेले के समापन की भी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

