‘कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना’, ट्रंप की Hell-Holes वाली टिप्पणी पर ईरान का तंज

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा भारत और चीन को ‘नरक के गड्ढे’ बताने वाले बयान पर ईरान ने तंज कसा है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने ट्रंप को भारत आकर यहां की समृद्ध संस्कृति देखने की सलाह दी।

  1. ईरान ने ट्रंप के ‘नरक के गड्ढे’ वाले बयान का मजाक उड़ाया
  2. मुंबई दूतावास ने ट्रंप को भारत यात्रा की सलाह दी

भारत और चीन को नरक के गड्ढे (Hell-holes) बताने वाली सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के बाद ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाया है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा साझा किए गए इस नस्लवादी बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने उन पर तीखा तंज कसा है। मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने X सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत को दर्शाने वाला एक वीडियो साझा किया।

कभी इंडिया आ के देखो

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने दावा किया कि राज्य की यात्रा ट्रंप के लिए ‘सांस्कृतिक विषहरण’ साबित हो सकती है। ईरानी दूतावास ने लिखा, “कभी इंडिया आ के देखो, फिर बोलना। हो सकता है किसी को ट्रंप के लिए एकतरफा सांस्कृतिक विश्राम यात्रा बुक कर देनी चाहिए, इससे शायद बेवजह की बकवास कम हो जाए।”

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट को दोबारा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने भारत, चीन और अन्य देशों को “नरक के गड्ढे” कहा था। अमेरिका के जन्मजात नागरिकता कानून में बदलाव की मांग करते हुए अपने नस्लवादी भाषण में सैवेज ने आरोप लगाया कि इन दोनों एशियाई देशों के लोग अमेरिका में “गर्भावस्था के नौवें महीने में बच्चा पैदा करने” आते हैं और कानून उन्हें “तुरंत” अमेरिकी नागरिक बना देता है।

भारत ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र बताया। विदेश मंत्रालय ने ट्रंप का नाम लिए बिना एक बयान में कहा कि ये टिप्पणियां “निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं।”

अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और घटिया टिप्पणी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया जवाबी बयान भी। ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और घटिया हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।”

भारत एक महान देश

हालांकि, बाद में स्थिति को संभालने के प्रयास में, अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि ट्रंप का मानना है कि भारत एक महा” देश है जिसका नेतृत्व मेरे एक अच्छे मित्र द्वारा शीर्ष पर किया जा रहा है।


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