कोरबा / पसान // कोरबा जिला के लैंगी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले दो बच्चे शाम को अंधेरा होने के बाद छात्रावास से बाहर नंगे पैर टहल रहे थे तभी उनके पैर में काँटा चुभन का अहसास हुआ , उन्होंने इसकी जानकारी अपने सहपाठियों को दी ,उन्होंने बताया की इस जगह पर दोपहर में एक जहरीले सांप को मारा गया था ,जिसका कुछ अंश यहां छूट गया था जो पैरों में चुभ गया ,बच्चों ने इसकी सूचना छात्रावास अधीक्षक को दी ,छात्रावास अधीक्षक ने बच्चों को पसान अस्पताल में भर्ती कराया ,
✅✅ हॉस्पिटल में ड्यूटी में तैनात डॉ रहे नदारत वार्ड बॉय ने दोनों बच्चों का उपचार किया जिससे दोनों बच्चे खतरे से बाहर बताये जा रहे
छात्रावास अधीक्षक ने बच्चों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पसान पहुंचे पर वहां कोई भी स्टॉफ मौजूद नहीं था ,स्टॉफ के नाम पर वार्ड बॉय हॉस्पिटल में मौजूद था ,उसने अपने स्तर से बच्चों का इलाज किया ,बच्चे खतरे से बाहर बताये जा रहे है ,जनप्रतिनिधियों ने इसकी सूचना तत्काल जिला चिकित्सा अधिकारी कोरबा को दी ,मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी को पसान जाने हेतु निर्देशित किया ,अगर मामला गंभीर होता तो यहां भी सर्पदंश से पीड़ित तीन मरीज कटघोरा के बाद पसान में भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का शिकार बन जाते
पोड़ी उपरोड़ा के BMO ने दोनों बच्चों का परीक्षण करने के बाद बताया कि बच्चे खतरे से बाहर है लेकिन एहतियात बरतने के लिए उन्हें अभी हॉस्पिटल में भर्ती रखा जायेगा
जिला चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर देर रात पोड़ी उपरोड़ा के खंड चिकित्सा अधिकारी ने दोनों बच्चों का परीक्षण करने के बाद बताया की बच्चे खतरे से बाहर है लेकिन एहतियात बरतने के लिए उन्हें अभी हॉस्पिटल में भर्ती रखा जायेगा ,
,✅✅हॉस्टल अधीक्षक मुख्यालय से रहते है नदारत ✅
लैंगी छात्रावास के अधीक्षक घर नजदीक होने के कारण मुख्यालय में न रहकर घर से ही छात्रावास का संचालन करते हैं जिससे बच्चे बिना किसी दबाव के देर रात तक बाहर घूमते रहते है ,अगर ऐसा रहा तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है ,ऐसे लापरवाह हॉस्टल अधीक्षक को ऐसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से पृथक कर देना चाहिए

